एक लाख के इनामी गैंगस्टर को बचाने के आरोप में इंस्पेक्टर विक्रम राठौड़ पर शिकंजा, निलंबन की संस्तुति

एक लाख के इनामी गैंगस्टर को बचाने के आरोप में इंस्पेक्टर विक्रम राठौड़ पर शिकंजा, निलंबन की संस्तुति
रुद्रपुर। उत्तर प्रदेश के एक लाख रुपये के इनामी गैंगस्टर योगेश भदौड़ा की गिरफ्तारी के मामले में इंस्पेक्टर विक्रम राठौड़ की मुश्किलें बढ़ गई हैं। ऊधमसिंह नगर के एसएसपी अजय गणपति कुंभार की प्रारंभिक जांच में गिरफ्तारी को योजनाबद्ध तरीके से अंजाम देने और पद के दुरुपयोग के आरोप सामने आए हैं। एसएसपी ने इंस्पेक्टर के निलंबन की संस्तुति करते हुए फाइल आईजी कुमाऊं को भेज दी है। वहीं, मामले में आगे की विस्तृत जांच एसपी क्राइम अनुषा बडोला को सौंपी गई है। मामला इसी वर्ष 8 जुलाई का है, जब तत्कालीन आईटीआई कोतवाल विक्रम राठौड़ ने गैंगस्टर योगेश भदौड़ा को जंग लगे तमंचे के साथ गिरफ्तार दिखाया था। गिरफ्तारी को लेकर सवाल उठने के बाद यूपी एसटीएफ ने भी मामले पर आपत्ति जताई थी। इसके बाद आईजी कुमाऊं निवेदिता कुकरेती ने इंस्पेक्टर को लाइन हाजिर किया था। बाद में उनका तबादला पिथौरागढ़ कर दिया गया, जबकि प्रकरण की जांच जारी रही।
एसएसपी अजय गणपति ने मामले में सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि पुलिस विभाग में ईमानदारी और स्वच्छ कार्यप्रणाली से काम करने वाले अधिकारियों की जरूरत है। प्रारंभिक जांच में गिरफ्तारी की प्रक्रिया योजनाबद्ध होने की बात सामने आई है, हालांकि फिलहाल लेनदेन से जुड़े साक्ष्य नहीं मिले हैं। अब विभागीय स्तर पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई की संभावनाओं पर भी विचार किया जा रहा है।
वहीं, इंस्पेक्टर विक्रम राठौड़ ने अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि गैंगस्टर की गिरफ्तारी में उनका कोई दोष नहीं है। उन्होंने जांच और न्याय प्रक्रिया पर भरोसा जताते हुए कहा कि यदि वह दोषी पाए जाते हैं तो विभागीय कार्रवाई और सजा स्वीकार करेंगे।