नाना पाटेकर को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई, महाराष्ट्र सरकार का बड़ा फैसला
मुंबई। दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन से भारतीय सिनेमा जगत में शोक की लहर है। 75 वर्षीय नाना पाटेकर के निधन के बाद महाराष्ट्र सरकार ने उनके अंतिम संस्कार को शासकीय सम्मान के साथ कराने का निर्णय लिया है। सांस्कृतिक कार्य मंत्री एडवोकेट आशीष शेलार ने इसकी घोषणा करते हुए कहा कि मराठी रंगमंच के साथ-साथ मराठी और हिंदी सिनेमा में नाना पाटेकर के अतुलनीय योगदान को देखते हुए सरकार ने यह फैसला लिया है। नाना पाटेकर ने अपने लंबे अभिनय सफर में मराठी रंगमंच से लेकर हिंदी सिनेमा तक अपनी अलग पहचान बनाई। ‘परिंदा’, ‘प्रहार’, ‘क्रांतिवीर’, ‘तिरंगा’, ‘खामोशी’, ‘अब तक छप्पन’, ‘नटसम्राट’ और ‘वेलकम’ जैसी फिल्मों में उनके दमदार अभिनय को दर्शकों ने खूब सराहा। उन्हें तीन राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार और पद्मश्री से सम्मानित किया गया था। अभिनय के साथ ही नाना पाटेकर सामाजिक कार्यों से भी जुड़े रहे और किसानों तथा ग्रामीण क्षेत्रों की सहायता के लिए किए गए कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाई। उनके निधन की खबर सामने आते ही फिल्म जगत और उनके प्रशंसकों में शोक की लहर दौड़ गई। महाराष्ट्र सरकार अब उन्हें पूरे शासकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई देने की तैयारी में है।
नाना पाटेकर को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई, महाराष्ट्र सरकार का बड़ा फैसला
