

तमंचे के साए में दरिंदगी! रुद्रपुर में विवाहिता से गैंगरेप का आरोप, कानून व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल।

रुद्रपुर- रुद्रपुर में एक बार फिर कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। शहर के बीचोंबीच मेले से लौट रही एक विवाहिता के साथ कथित गैंगरेप की घटना ने पुलिस-प्रशासन की कार्यप्रणाली को कटघरे में ला खड़ा किया है। लोगों का कहना है कि अगर सार्वजनिक स्थानों और मुख्य मार्गों पर भी महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं, तो सुरक्षा व्यवस्था आखिर है कहां?
जानकारी के अनुसार 22 फरवरी की रात विवाहिता अपने देवर के साथ गांधी पार्क में लगे सरस मेले से घर लौट रही थी। रात करीब 9 बजे मोदी मैदान के पास देवर के परिचित बताए जा रहे तीन युवक दो बाइकों पर पहुंचे। आरोप है कि युवकों ने तमंचा दिखाकर जान से मारने की धमकी दी और महिला को जबरन अपने साथ ले गए।
पीड़िता का कहना है कि उसे ठंडी सड़क के पास सुनसान स्थान पर ले जाकर देवर के सामने ही बारी-बारी से दुष्कर्म किया गया। विरोध करने पर उसके हाथ की उंगली पर चाकू से वार कर घायल कर दिया गया। इतना ही नहीं, आरोपियों ने घटना का वीडियो बनाकर वायरल करने और पुलिस में शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी भी दी।
घटना के बाद से इलाके में आक्रोश का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर में लगातार बढ़ रही आपराधिक घटनाएं इस बात का संकेत हैं कि कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है। सवाल उठ रहे हैं कि मेले जैसे बड़े आयोजन के दौरान भी सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम क्यों नहीं थे? रात के समय मुख्य मार्गों पर पुलिस गश्त क्यों नदारद रही?
मामले में पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शक के आधार पर देवर से भी पूछताछ की जा रही है, क्योंकि पीड़िता के अनुसार वह आरोपियों को जानता है। जांच महिला उपनिरीक्षक को सौंपी गई है और मेडिकल परीक्षण सहित अन्य साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
हालांकि पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा, लेकिन जनता के मन में सवाल अब भी कायम हैं। क्या अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि उन्हें कानून का कोई डर नहीं? क्या प्रशासन की ढिलाई ने शहर को अपराधियों के हवाले कर दिया है?
यह घटना सिर्फ एक महिला के साथ हुआ अपराध नहीं, बल्कि पूरे तंत्र के लिए एक चेतावनी है। यदि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो आमजन का भरोसा कानून व्यवस्था से पूरी तरह उठ सकता है।
