अंकिता भंडारी हत्याकांड: न्याय की जीत*3 साल बाद अपराधियों को फांसी की सजा के लिए नैनीताल में प्रदर्शन l

खबरें शेयर करें -

*अंकिता भंडारी हत्याकांड: न्याय की जीत*

अंकिता भंडारी हत्याकांड को तीन साल पूरे होने जा रहे हैं और इस मामले में अब तक की गई कार्रवाई कुछ इस प्रकार है:

 

*मामला और सजा*

उत्तराखंड की एक अदालत ने तीन आरोपियों – पुलकित आर्य, सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। यह फैसला 30 मई 2025 को कोटद्वार स्थित अपर जिला एवं सत्र न्यायालय ने सुनाया। आरोपियों पर आईपीसी की धारा 302, 201 और 354 के तहत आरोप तय किए गए थे।

 

*मामले की पृष्ठभूमि*

अंकिता भंडारी ने एक रिसॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के तौर पर काम करना शुरू किया था, लेकिन 18 सितंबर 2022 को वह गायब हो गईं। इसके बाद उनके पिता ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई और पुलिस ने जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने पुलकित आर्य और उसके दो साथियों को गिरफ्तार किया और 24 सितंबर 2022 को चीला नदी से अंकिता का शव बरामद हुआ था।

 

*मामले की सुनवाई*

इस मामले में एसआईटी ने 500 पन्नों का आरोपपत्र दाखिल किया था और कोर्ट में 47 गवाह पेश किए गए थे। अदालत ने सभी गवाहों के बयान और सबूतों के आधार पर आरोपियों को दोषी करार दिया और आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

 

*प्रदर्शन और समर्थन*

अंकिता भंडारी के समर्थन में 18 सितंबर को नैनीताल में एक विशाल प्रदर्शन आयोजित किया गया है, जिसमें उत्तराखंड के नागरिकों, जन संगठनों और विपक्षी दलों से समर्थन की अपील की गई है। इस प्रदर्शन का उद्देश्य अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की लड़ाई में एकजुटता दिखाना और महिला हिंसा के खिलाफ आवाज उठाना है।

 

अंकिता भंडारी की मां सोनी देवी ने कोर्ट के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अपराधियों को फांसी की सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने उत्तराखंड की जनता से अपील की कि वे उनका समर्थन करते रहें और कोटद्वार कोर्ट में आकर उनका मनोबल बढ़ाएं। पूर्व सीएम हरीश रावत ने भी उम्मीद जताई कि अंकिता को न्याय मिलेगा ¹।