सावधान: सोशल मीडिया की अवैध कमाई आपको पहुंचा सकती है जेल। सट्टा ऐप प्रमोशन से करोड़ों की चमक तक — उन्नाव के यूट्यूबर अनुराग द्विवेदी के घर ED की रेड, आय के स्रोत जांच के घेरे में।
खबर संवाद- महेंद्र पाल मौर्य। रुद्रपुर- उत्तर प्रदेश के उन्नाव में चर्चित यूट्यूबर और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर अनुराग द्विवेदी के आवास पर आज प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने छापेमारी की। कार्रवाई का केंद्र बिंदु अनुराग की तेज़ी से बढ़ी संपत्ति, लग्ज़री लाइफस्टाइल और आय के स्रोत बताए जा रहे हैं। एजेंसी यह जांच कर रही है कि अनुराग की कमाई किन माध्यमों से हुई और क्या इसमें किसी तरह की वित्तीय अनियमितता या नियमों का उल्लंघन शामिल है।
बताया जाता है कि 25 वर्षीय अनुराग कुछ साल पहले तक सामान्य जीवन जी रहे थे और साइकिल से चलना उनकी दिनचर्या का हिस्सा था। लेकिन बीते समय में उनकी आर्थिक स्थिति में अचानक और असाधारण उछाल देखा गया। आज उनके पास BMW और लैंड रोवर डिफेंडर जैसी कई लग्ज़री गाड़ियां हैं।
जानकारी के अनुसार, अनुराग ने ड्रीम–11 जैसी ऑनलाइन सट्टा/फैंटेसी गेमिंग ऐप्स पर खेलना शुरू किया और बाद में इन्हीं प्लेटफॉर्म्स को अपने सोशल मीडिया चैनलों पर प्रमोट भी किया। यहीं से उनकी आय में लगातार बढ़ोतरी होती चली गई। अनुराग की सोशल मीडिया पहुंच भी बेहद बड़ी है—यूट्यूब पर लगभग 7 मिलियन और इंस्टाग्राम पर करीब 2.4 मिलियन फॉलोअर्स बताए जाते हैं, जिससे प्रमोशनल कंटेंट के जरिए होने वाली कमाई पर एजेंसियों की नजर गई।
सूत्रों के मुताबिक, पिछले महीने दुबई में क्रूज पर हुई भव्य शादी भी जांच एजेंसियों के रडार में आने की एक बड़ी वजह बनी। इस आयोजन में अनुराग ने अपने गांव से करीब 30 लोगों को हवाई जहाज से दुबई बुलाया और उनके आने–जाने व ठहरने का पूरा खर्च खुद उठाया। इतनी बड़ी रकम के खर्च और हाई-प्रोफाइल आयोजन के बाद आय और खर्च के अनुपात को लेकर सवाल खड़े हुए, जिसके बाद ED की सक्रियता बढ़ी।
फिलहाल, ED की टीम दस्तावेज़ों, बैंक लेन-देन, प्रमोशनल डील्स और डिजिटल ट्रांजैक्शंस की जांच कर रही है। एजेंसी की ओर से आधिकारिक तौर पर विस्तृत बयान आना बाकी है। अनुराग द्विवेदी की तरफ से भी अब तक इस कार्रवाई पर कोई औपचारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि मामला कानूनी दायरे में सामान्य जांच तक सीमित रहता है या फिर इसमें वित्तीय अनियमितताओं के ठोस सबूत सामने आते हैं। फिलहाल, उन्नाव से लेकर सोशल मीडिया तक यह कार्रवाई चर्चा का विषय बनी हुई है।
