रुद्रपुर की चर्चित हनी ट्रिप गर्ल ने फर्जी दस्तावेजों से ले लिया बैंक लोन, फिर एक और केस दर्ज, सगे भाई बहन सहित पांच अन्य लोग गिरोह में है शामिल । पहले बैंक मैनेजर को बनाया था हनी ट्रैप का शिकार और अब फर्जी दस्तावेजों और दूसरे बैंक मैनेजर की मिली भगत से निकाल लिया 12,74,000 का फर्जी लोन।

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रुद्रपुर की चर्चित हनी ट्रिप गर्ल ने फर्जी दस्तावेजों से ले लिया बैंक लोन, फिर एक और केस दर्ज, सगे भाई बहन सहित पांच अन्य लोग गिरोह में है शामिल । पहले बैंक मैनेजर को बनाया था हनी ट्रैप का शिकार और अब फर्जी दस्तावेजों और दूसरे बैंक मैनेजर की मिली भगत से निकाल लिया 12,74,000 का फर्जी लोन।

रुद्रपुर। जब से रुद्रपुर शहर औद्योगिक नगरी बना है तब से अपराध का ग्राफ निरंतर बड़ा है ऐसे में निजी बैंकों में फर्जी लोन के मामले आए दिन सामने आते रहते हैं जिसमें बैंक मैनेजर की भूमिका संदिग्ध दिखाई पड़ती है ऐसा ही एक मामला आपको हम आपके सामने लेकर आए हैं । ऐसे फर्जी मामले के जो लोग बाहर से आकर रुद्रपुर शहर में अपना व्यापार या नौकरी कर रहे हैं उनके साथ घटित होते हैं। उनको एक एजेंडे के तहत शिकार बनाया जाता है, पहले उनको विश्वास में लिया जाता है ,उनके यहां नौकरी कर कर या उनकी हेल्प करके उन्हें अपना मुरीद किया जाता है ,फिर उन्हें हनी ट्रैप या फिर फर्जी मामले में फसाया जाता है जी हां उसी क्रम में हाल ही में शहर में फर्जीवाड़े का एक और गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें पहले से आपराधिक इतिहास वाले व्यक्तियों ने एक बैंक कर्मचारी की मिलीभगत से फर्जी दस्तावेज तैयार कर लाखों रुपये के लोन हड़प लिए। मामले में न्यायालय में याचिका दाखिल कर न्याय की गुहार लगाई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, भदईपुरा निवासी शैलेन्द्र कुमार पूर्व में इंडसइंड बैंक की आवास विकास शाखा में मैनेजर के पद पर कार्यरत थे। शैलेन्द्र ने बताया कि उनके पूर्व ड्राइवर निहाल सुमन और उसकी पत्नी शिवानी सुमन, बेटियां सोनाली व वैशाली, साथी प्रशांत हलदार एवं एक्सिस बैंक के शाखा प्रबंधक की मिलीभगत से उनके नाम पर फर्जी सैलरी स्लिप, बैंक स्टेटमेंट और अन्य दस्तावेज तैयार कर दो बार लोन लिया गया। शैलेन्द्र ने बताया कि 23 मई 2022 को 7,45,000 और 2 दिसंबर 2022 को 5,29,000 का लोन एक्सिस बैंक से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर प्राप्त किया गया। जब बैंक से फोन आया, तब उन्हें इस धोखाधड़ी की जानकारी हुई। इससे पूर्व भी इन्हीं आरोपियों के विरुद्ध वर्ष 2022 में थाना ट्रांजिट कैंप में धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज हो चुका है, जिसमें चार्जशीट दाखिल हो चुकी है और आरोपी जेल भी जा चुके हैं। पीड़ित ने आरोप लगाया कि उक्त लोग रामपुर के भी स्थायी निवासी हैं और वहां भी इन पर आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। आरोप है कि ये गिरोह संगठित रूप से दूसरों के नाम पर फर्जी दस्तावेज बनाकर बैंकों से लोन लेता है। शैलेन्द्र ने बताया कि उन्होंने 27 मई 2025 को थाना ट्रांजिट कैंप और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को रजिस्टर्ड डाक से तहरीर भेजी थी, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। ऐसे में उन्होंने धारा 174(3) बीएनएनएस के तहत प्रथम सिविल जज (सीनियर डिवीजन) के समक्ष आवेदन प्रस्तुत किया है। पीड़ित का कहना है कि उनका पूरा परिवार भयभीत है और उन्हें अपनी व अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर भी आशंका है। उन्होंने न्यायालय से अनुरोध किया है कि आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस को कार्रवाई के निर्देश दिए जाएं। पुलिस ने मामले की रिपोर्ट दर्ज कर ली है और जांच प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है।