उद्योग प्रतिनिधियों के साथ ‘श्रम संवाद’, नए श्रम कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन पर हुआ मंथन

उद्योग प्रतिनिधियों के साथ ‘श्रम संवाद’, नए श्रम कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन पर हुआ मंथन
रुद्रपुर। श्रम विभाग की ओर से 6 अक्टूबर 2026 को होटल रेडिसन ब्लू रुद्रपुर में उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के साथ ‘श्रम संवाद’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पुराने श्रम कानूनों के स्थान पर भारत सरकार द्वारा बनाए गए चार नए श्रम कानूनों के संबंध में उद्योग प्रतिनिधियों के साथ विस्तृत चर्चा करना और उनके प्रभावी क्रियान्वयन में आने वाली व्यावहारिक चुनौतियों का समाधान तलाशना रहा।
कार्यक्रम में भारत सरकार के श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के सचिव डॉ. चंद्र भूषण कुमार की गरिमामयी उपस्थिति रही। इसके अलावा उत्तराखंड के सचिव श्रम धर बाबू अन्दांकी, श्रम आयुक्त प्रकाश चंद्र दुम्का, अपर श्रम आयुक्त अनिल कुमार पेटवाल, उप श्रम आयुक्त ऊधमसिंह नगर के.के. गुप्ता तथा सहायक श्रम आयुक्त अरविंद सैनी सहित श्रम विभाग, EPFO और ESIC के अधिकारी मौजूद रहे।
कार्यक्रम में उद्योग जगत की ओर से KGCCI के अशोक बंसल एवं रमेश मिड्डा तथा SAWS की ओर से उत्तम सिंह जंतवाल एवं गजेंद्र सिंह ने सहभागिता की। संवाद के दौरान भविष्य निधि, कर्मचारी राज्य बीमा, सामाजिक सुरक्षा, श्रम कानूनों के अनुपालन, प्रतिष्ठानों के पंजीकरण और श्रमिकों को उपलब्ध कराई जा रही सामाजिक सुरक्षा सुविधाओं समेत विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई।
EPFO एवं ESIC से संबंधित प्रावधानों और सेवाओं की भी उद्योग प्रतिनिधियों को जानकारी दी गई। उद्योग प्रतिनिधियों ने श्रम कानूनों के अनुपालन में सामने आने वाली व्यावहारिक कठिनाइयों और अपने सुझाव अधिकारियों के समक्ष रखे। अधिकारियों ने संबंधित विषयों पर बिंदुवार जानकारी देते हुए आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया और प्रतिनिधियों की जिज्ञासाओं का समाधान किया।
इस अवसर पर उद्योग प्रतिनिधियों से श्रम कानूनों और सामाजिक सुरक्षा प्रावधानों का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित करने तथा श्रमिकों को नियमानुसार मिलने वाली सुविधाएं उपलब्ध कराने का आह्वान किया गया। साथ ही उद्योगों से जुड़े विषयों और समस्याओं के समाधान के लिए श्रम विभाग, EPFO और ESIC के बीच बेहतर समन्वय तथा निरंतर संवाद बनाए रखने पर जोर दिया गया।
‘श्रम संवाद’ कार्यक्रम को उद्योगों और विभागीय अधिकारियों के बीच संवाद मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया गया। अधिकारियों ने कहा कि ऐसे संवाद से सौहार्दपूर्ण औद्योगिक वातावरण और बेहतर श्रम संबंधों को बढ़ावा मिलेगा। सकारात्मक एवं सार्थक चर्चा के बाद कार्यक्रम का समापन हुआ।