उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में बदलेगा मौसम का मिजाज, 16 से 21 जनवरी तक बारिश और बर्फबारी की संभावना।

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उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में बदलेगा मौसम का मिजाज, 16 से 21 जनवरी तक बारिश और बर्फबारी की संभावना

उत्तराखंड के पहाड़ी जिलों में एक बार फिर मौसम करवट लेने जा रहा है। मौसम विभाग द्वारा जारी ताजा बुलेटिन के अनुसार 16 जनवरी से 21 जनवरी 2026 के बीच प्रदेश के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। विशेष रूप से 3200 से 3400 मीटर और उससे अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में बारिश के साथ बर्फबारी की संभावना जताई गई है, जिससे ठंड में इजाफा होना तय माना जा रहा है।

मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़ और बागेश्वर जैसे ऊंचाई वाले जिलों में बादल छाए रहने के साथ हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी हो सकती है। निचले पर्वतीय क्षेत्रों में हल्की बारिश के आसार हैं, जबकि मैदानी जिलों में सुबह और रात के समय कोहरा और ठंड बढ़ सकती है।

इस वर्ष का मौसम पैटर्न पिछले कई वर्षों से अलग नजर आ रहा है। बीते कुछ सालों में उत्तराखंड में औसत बर्फबारी में लगातार कमी दर्ज की गई है। खासतौर पर नैनीताल जैसे प्रसिद्ध पर्यटन स्थल पर इस सर्दी के मौसम में अब तक बर्फबारी नहीं हो पाई है, जो पहले आम बात हुआ करती थी। विशेषज्ञों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन और तापमान में बढ़ोतरी के कारण बर्फ गिरने का दायरा ऊंचाई की ओर सिमटता जा रहा है, जिससे मध्यम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बारिश तो हो रही है लेकिन बर्फबारी कम होती जा रही है।

बारिश और बर्फबारी का सीधा असर जल स्रोतों, कृषि और पर्यटन पर भी पड़ता है। जहां एक ओर बर्फबारी से ग्लेशियर और जलस्रोतों को जीवन मिलता है, वहीं लगातार घटती बर्फबारी भविष्य में जल संकट की आशंका भी बढ़ा रही है। किसानों के लिए भी यह मौसम अहम है क्योंकि सर्दियों की बारिश और बर्फ फसलों के लिए लाभकारी मानी जाती है, लेकिन असंतुलित मौसम से खेती पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।

मौसम विभाग ने ऊंचाई वाले क्षेत्रों में जाने वाले यात्रियों और पर्यटकों को सतर्क रहने की सलाह दी है। बर्फबारी के दौरान सड़कों के बंद होने, फिसलन और तापमान में भारी गिरावट की संभावना को देखते हुए प्रशासन को भी अलर्ट पर रखा गया है। कुल मिलाकर 16 से 21 जनवरी के बीच उत्तराखंड के पहाड़ों में मौसम का मिजाज ठंडा और चुनौतीपूर्ण रहने वाला है, जो आने वाले समय में सर्दी के पूरे सीजन की दिशा भी तय कर सकता है।