रुद्रपुर में तीन दिवसीय राष्ट्रीय कुमाउनी भाषा सम्मेलन का समापन
रुद्रपुर। कुमाउंनी भाषा साहित्य एवं संस्कृति प्रचार समिति, कुमाउनी पत्रिका पहरू और उत्तराखंड भाषा संस्थान, देहरादून के संयुक्त तत्वाधान में जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) में आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय कुमाउनी भाषा सम्मेलन का समापन हुआ। समापन अवसर पर सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश प्रफुल्ल चन्द्र पंत ने कहा कि कुमाऊँ की लोक संस्कृति और भाषा हमारी सांस्कृतिक धरोहर का अभिन्न हिस्सा हैं, और ऐसे आयोजन न केवल भाषा के संवर्धन में बल्कि युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
इस अवसर पर बहादुर सिंह बनौला कुमाउनी साहित्य सेवी सम्मान से डॉ- मोहन चन्द्र पंत, भुवन चन्द्र पपनै, नििऽलेश उपाध्याय, ललित मोहन सिंह जीना और रमेश चन्द्र सोनी को सम्मानित किया गया। वहीं, ज्योतिषा चार्य पं- जयदेव अ
वस्थी कुमानी भाषा सेवी सम्मान से दयाल पांडे, डॉ- चन्द्रप्रकाश फुलोरिया, डॉ- सरीस्वती कोहली और दीपक भाकुनी को नवाजा गया। वैध कल्याण सिंह बिष्ट कुमाउनी संस्कृति सेवी सम्मान से मीरा जोशी, घनश्याम भट्टð, गोपाल सिंह चम्याल और राजेन्द्र प्रसाद को सम्मानित किया गया।

समारोह की शुरुआत अतिथियों का तिलक लगाकर पारंपरिक स्वागत से की गई। समापन अवसर पर लोक कलाकारों ने लोक संस्कृति पर आधारित कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी। आयोजन समिति के संयोजक डॉ- बी-एस- बिष्ट, डॉ- एल-एम- उप्रेती और मीडिया प्रभारी डॉ- केसी चंदौला ने सभी अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। मीडिया प्रभारी डॉ- केसी चंदौला ने आयोजन की सफलता पर सभी सहयोगियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।
