निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज की तीसरी मंजिल से गिरे मजदूर की हालत नाजुक, सुरक्षा इंतज़ामों पर उठे गंभीर सवाल। रुद्रपुर। निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी ब्लॉक में एक बड़ा हादसा सामने आया है। छत्तरपुर निवासी मजदूर भोला राम पुत्र बिरजू राम तीसरी मंजिल पर काम कर रहे थे, तभी अचानक संतुलन बिगड़ने के कारण वे नीचे गिर पड़े। हादसा इतना भीषण था कि उन्हें गंभीर चोटें आईं। आनन-फानन में उन्हें जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद हालत नाजुक देख डॉक्टरों ने उन्हें रुद्रपुर के एक निजी अस्पताल रेफर किया। बताया जा रहा है कि वर्तमान में भोला राम को वेंटिलेटर पर रखा गया है और उनकी स्थिति गंभीर बनी हुई है। बाद में उनकी हालत बिगड़ने पर उन्हें नोएडा रेफर कर दिया गया।यह निर्माण कार्य उत्तराखंड पेयजल निगम की देखरेख में चल रहा है तथा लिसा इंजीनियर्स प्राइवेट लिमिटेड को इसका ठेका दिया गया है। हादसे के बाद मजदूरों और स्थानीय लोगों ने निर्माण स्थल पर सुरक्षा इंतज़ामों की पोल खोल दी है। मजदूरों का कहना है कि ऊंचाई पर काम करने वाले श्रमिकों को न तो सुरक्षा बेल्ट और हेलमेट दिए गए और न ही सुरक्षा जाल जैसी बुनियादी व्यवस्थाएं उपलब्ध कराई गईं। इससे पहले भी करीब डेढ़ माह पहले करंट लगने से एक मजदूर की मौत हो चुकी थी, जिसका खर्च केवल पेटी ठेकेदार ने उठाया था। उस समय लगभग सात लाख रुपये खर्च हुए थे।स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माणस्थल पर हो रहे हादसे इस बात की ओर इशारा करते हैं कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जा रही है। वहीं विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कार्यदायी संस्था और निर्माण कंपनी समय-समय पर सख्ती से सुरक्षा नियमों का पालन कराती और उनकी निगरानी करती, तो इस तरह की घटनाओं को रोका जा सकता था। मजदूर संगठनों ने भी इस मामले में आवाज उठाई है और प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि बड़े प्रोजेक्ट में मजदूरों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए, चाहे इसके लिए कितना भी खर्च क्यों न करना पड़े।साइट इंचार्ज अनुज गोयल और परियोजना प्रबंधक पंकज के प्रबंधन पर भी सवाल खड़े किए जा रहे हैं। स्थानीय मजदूरों ने आरोप लगाया कि बिना सुरक्षा के काम करवाया जा रहा है और यह स्थिति प्रशासनिक लापरवाही को भी दर्शाती है। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि उन्हें पूरे मामले की जानकारी मिल चुकी है और जांच कराई जा रही है। साथ ही घायल मजदूर के स्वास्थ्य पर लगातार नजर रखी जा रही है। अधिकारियों ने यह भी आश्वासन दिया है कि अगर निर्माण स्थल पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी पाई जाती है, तो जिम्मेदारों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज की तीसरी मंजिल से गिरे मजदूर की हालत नाजुक, पहले पहले रुद्रपुर के निजी अस्पताल और अब नोएडा रेफर, निर्माण करने वाली कंपनी (लिसा )पर सुरक्षा इंतज़ामों को लेकर उठे गंभीर सवाल।
