“रुद्रपुर में इंकलाबी मजदूर सम्मेलन सम्पन्न, गाज़ा नरसंहार और श्रम कानूनों के खिलाफ प्रस्ताव पारित”
रुद्रपुर –
इंकलाबी मजदूर केंद्र का रुद्रपुर शहर सम्मेलन आहुजा धर्मशाला, रुद्रपुर (उत्तराखंड) में जोशो-खरोश के साथ सम्पन्न हुआ। सम्मेलन की शुरुआत झंडारोहण और शहीदों को श्रधांजलि देकर की गई। इसके बाद शहर सचिव दिनेश चंद्र ने सभा को संबोधित किया और अंतर्राष्ट्रीय व राष्ट्रीय हालात पर विस्तार से चर्चा की।सम्मेलन में गाज़ा में इजराइली आक्रमण और अमेरिकी साम्राज्यवाद का विरोध, चार नई श्रम संहिताओं व तीन आपराधिक कानूनों के खिलाफ प्रस्ताव, दमन-उत्पीड़न व महंगाई, बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर कुल दस प्रस्ताव पारित किए गए। शहर की नई 6 सदस्यीय कमेटी का चुनाव भी किया गया, जिसमें कैलाश चंद्र सचिव और दिनेश चंद्र को कोष सचिव चुने गए।खुले सत्र में वक्ताओं ने कहा कि पूरी दुनिया में मजदूरों और मेहनतकश जनता के खिलाफ काले कानून बनाए जा रहे हैं। भारत में भी मजदूर, किसान, छात्र और नौजवान सरकार व पूँजीपति वर्ग की नीतियों से पीड़ित हैं। श्रम कानूनों की मांग करने, रोजगार व शिक्षा के सवाल उठाने पर जनता पर बर्बर दमन किया जा रहा है। वक्ताओं ने जोर देकर कहा कि आज समाज को बचाने का रास्ता समाजवादी व्यवस्था की ओर बढ़ना है और इसके लिए साझा संघर्ष और संयुक्त मोर्चा बेहद जरूरी है।कार्यक्रम के अंत में प्रदर्शनकारियों ने गाज़ा नरसंहार के प्रतिरोध में इजराइल और अमेरिकी साम्राज्यवाद का पुतला दहन किया और मोदी सरकार से इजराइल से राजनयिक संबंध समाप्त करने की मांग उठाई।इस अवसर पर इंकलाबी मजदूर केन्द्र के कैलाश भट्ट, क्रांतिकारी लोक अधिकार संगठन के शिवदेव सिंह, प्रगतिशील महिला एकता केंद्र की वंदना, इन्टरार्क मजदूर संगठन पंतनगर के एस.एन. मिश्रा, CSTU के शम्भू, यजाकि वर्कर यूनियन के रविन्दर कुमार, वैलराइज वर्कर्स यूनियन के कृष्ण कुमार, डालफिन मजदूर संगठन की सुनीता व पिंकी गंगवार, एरा श्रमिक संगठन के दिनेश कुमार, परिवर्तनकामी छात्र संगठन की खुशी, ठेका मजदूर कल्याण समिति के मनोज और मजदूर नेता सुदर्शन शर्मा सहित बड़ी संख्या में सिडकुल की कंपनियों के मजदूर साथी शामिल रहे।
