*भैंस के आगे बीन बजाकर उत्तराखंड सरकार को जगाने का प्रयास: बागजाला में आंदोलन का 21वां दिन*

उत्तराखंड के हल्द्वानी गोलापर स्थित बागजाला गांव में अखिल भारतीय किसान महासभा के नेतृत्व में ग्रामीणों का अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन 21वें दिन भी जारी रहा। ग्रामीण अपनी आठ सूत्रीय मांगों को लेकर धरने पर बैठे हैं, जिनमें भूमि के मालिकाना अधिकार, निर्माण कार्यों पर लगी रोक हटाने और पंचायत चुनाव का अधिकार बहाल करना शामिल है।
*सरकार की उपेक्षा से तंग आकर भैंस के आगे बीन बजाई*
ग्रामीणों ने राज्य सरकार, जिला प्रशासन और लालकुआं विधायक द्वारा की जा रही उपेक्षा से तंग आकर भैंस के आगे बीन बजाकर सरकार को कुंभकर्णी नींद से जगाने का प्रयास किया। ग्रामीणों का कहना है कि 21 दिन बीत जाने के बाद भी सरकार या प्रशासन की ओर से कोई प्रतिनिधि उनकी सुध लेने नहीं पहुंचा है।
*मांगों का समर्थन*
आज धरने के मुख्य अतिथि मुकेश बौद्ध ने बागजाला की जनता की मांग का समर्थन करते हुए राज्य सरकार से बागजाला गांव को राजस्व गांव बनाने की मांग की। उन्होंने कहा कि सरकार को जनता की आवाज सुननी चाहिए, अन्यथा जनता के पास आंदोलन को तेज करने के अलावा कोई विकल्प नहीं रहेगा।
*आंदोलनकारी*
आंदोलन में शामिल प्रमुख लोगों में मुकेश बौद्ध, किसान महासभा प्रदेश अध्यक्ष आनंद सिंह नेगी, भीम आर्मी के सिराज अहमद, नवीन आर्य, नफीस अहमद खान, संजय कुमार टम्टा, हरीश लोधी, भाकपा माले के शक्तिफार्म के नेता विष्णु पद साना, जीत राम, खीम चन्द्र आर्य, जीवन चन्द्र, आकाश भारती, मंजू सिंह, महिला नेता विमला रौथाण, डा उर्मिला रैस्वाल, वेद प्रकाश, डा कैलाश पाण्डेय, प्रेम सिंह नयाल, विमला देवी, हेमा देवी, पंकज चौहान, हरक सिंह बिष्ट, ऋषि मटियाली, मोहन लाल, दीवान सिंह बर्गली, एम एस मलिक, मीना भट्ट, अनीता अन्ना, गुलशन, विमला पाण्डे, सुन्दर लाल, ललीत प्रसाद , बापु देव, पावती, पनूली देवी, दिवानसिंह, भारती देवी, सुनीता प्रजापति, सरला सिंह, पुष्पा देवी, हेमादेवी, उमा, विपिन पनेरु, ललित, पंकज, चन्दन, निर्मला देवी, सुरेश चन्द्र, मुकादेवीं, असलम, नसीर अहमद, चमन, चंपा देवी, हरीश चंद्र, पार्वती देवी, मो परवेज, चन्दन सिंह मटियाली, यासीन, दिलीप, हेमंती, लोकेश कुमार, नारायण प्रसाद, दिनेश चन्द्र, भगवती आर्य, देवी आर्य, दया देवी, अनीता, सरस्वती, वासुदेव, ललित प्रसाद, महेश राम, कमला देवी, हरि गिरी, भगवती गोस्वामी, राधा, इरफान, शहजाद, भावना देवी, कमल, आनन्द राम, शिवम टम्टा, शाकिर, रामभजन, मिथलेश, चन्द्र, सरोज, कमला, जीवंती, दीपा, सुनीता, सुषमा आर्य, विद्या, ललिता, शकुन्तला, दुर्गा देवी, मधु बिष्ट, रेखा देवी, शकीला खातून, महजबीं, नीलम कुमारी, रामलाल, ललिता, शमा, संजय, जरीना, शमशाद, पवन, लक्ष्मी, सुन्दर लाल, जेबा, रमेश प्रसाद, प्रकाश राम, वासुदेव आदि शामिल हैं।
*सरकार की विफलताएं*
सरकार की विफलताओं को देखते हुए ग्रामीणों ने आंदोलन को तेज करने का फैसला किया है। सरकार को बागजाला गांव की समस्याओं का समाधान करने के लिए तत्काल कदम उठाने चाहिए। बागजाला गांव में अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम का निर्माण हुआ
