*कॉरपोरेट-परस्त नीतियों के खिलाफ 26 नवंबर को देशव्यापी आंदोलन*
नई दिल्ली, 23 अक्टूबर 2025 – केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने 26 नवंबर 2025 को देशभर में व्यापक आंदोलन का आह्वान किया है। यह आंदोलन कॉरपोरेट-परस्त, मज़दूर-विरोधी और किसान-विरोधी नीतियों के खिलाफ है।
18 अक्टूबर 2025 को हुई केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और एसकेएम की संयुक्त बैठक में यह निर्णय लिया गया कि वे इन नीतियों के खिलाफ समन्वित और एकजुट कार्रवाई जारी रखेंगे। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि वे अपने-अपने मांगपत्रों के साथ-साथ साझा मुद्दों पर एक महीने से अधिक का व्यापक अभियान चलाएँगे, जो 26 नवंबर 2025 को सभी जिलों और राज्य मुख्यालयों में मज़दूरों और किसानों की विशाल विकेन्द्रीकृत जन गोलबंदी के रूप में परिणत होगा।
इस आंदोलन का उद्देश्य धर्मनिरपेक्ष लोकतंत्र की रक्षा और केंद्र सरकार की कॉरपोरेट परस्त, मज़दूर-विरोधी, किसान-विरोधी और राष्ट्रविरोधी दमनकारी नीतियों का मुकाबला करना है। सरकार अंतरराष्ट्रीय वित्त पूँजी के हित में काम कर रही है और भारतीय किसानों, मज़दूरों तथा छोटे व्यापारों को ट्रंप की टैरिफ नीति के प्रभाव से बचाने में असफल रही है।
आंदोलन के दौरान बिजली (संशोधन) विधेयक 2025, श्रम मंत्रालय द्वारा जारी ड्राफ्ट श्रम नीति, राज्य सरकारों को दरकिनार कर चार श्रम संहिताओं के एजेंडे को आगे बढ़ाने के प्रयास, और राज्य मशीनरी के ज़रिए किसानों की ज़मीनों पर कब्ज़ा जैसे मुद्दों पर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
