*चार साल बाद लौटा लोहड़ी का उत्सव, सिटी क्लब बना ‘मिनी पंजाब’ विधायक शिव अरोड़ा ने किया भांगड़ा, बलवंत अरोड़ा ‘बल्लू’ की अपील बनी आयोजन की प्रेरणा*

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*चार साल बाद लौटा लोहड़ी का उत्सव, सिटी क्लब बना ‘मिनी पंजाब’

विधायक शिव अरोड़ा ने किया भांगड़ा, बलवंत अरोड़ा ‘बल्लू’ की अपील बनी आयोजन की प्रेरणा*

रुद्रपुर।

चार वर्षों के लंबे अंतराल के बाद रुद्रपुर में लोहड़ी का रंगारंग और भव्य महोत्सव एक बार फिर पूरे उत्साह के साथ जीवंत हो उठा। लोहड़ी उत्सव आयोजन समिति के तत्वावधान में, रुद्रपुर विधायक शिव अरोड़ा की प्रेरणा और मार्गदर्शन से रुद्रपुर सिटी क्लब में आयोजित इस ऐतिहासिक आयोजन ने शहर को पुनः ‘मिनी पंजाब’ की पहचान दिला दी। हजारों की संख्या में पहुंचे रुद्रपुरवासियों ने पंजाबी संस्कृति, संगीत और परंपराओं के संग लोहड़ी पर्व को उल्लासपूर्वक मनाया।

इस भव्य आयोजन की नींव व्यापार मंडल के पूर्व अध्यक्ष बलवंत अरोड़ा उर्फ बल्लू की उस निरंतर अपील से पड़ी, जिसमें उन्होंने लोहड़ी, बैसाखी और पंजाबी-सांस्कृतिक मेलों के नियमित आयोजन को आपसी भाईचारे, प्रेम और सौहार्द के लिए आवश्यक बताया था। उनकी इस सकारात्मक और दूरदर्शी पहल को गंभीरता से लेते हुए विधायक शिव अरोड़ा ने न केवल इस अपील को स्वीकार किया, बल्कि चार साल बाद रुद्रपुर में लोहड़ी मेले को भव्य स्वरूप देकर एक नई शुरुआत की, जिसकी शहरभर में सराहना हो रही है।

मुख्य अतिथि विधायक शिव अरोड़ा ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि रुद्रपुर विविधताओं से भरा शहर है, जो लघु भारत की तस्वीर प्रस्तुत करता है। लोहड़ी समरसता और खुशहाली का पर्व है और सिटी क्लब में आयोजित यह महोत्सव अपनी भव्यता और दिव्यता के कारण अपने आप में ऐतिहासिक बन गया है। हर वर्ग और हर समाज की भागीदारी रुद्रपुर की सांस्कृतिक एकता और आपसी सौहार्द को दर्शाती है।

कार्यक्रम के दौरान गुरुद्वारा साहिब के भाइयों द्वारा अरदास के उपरांत मंत्रोच्चारण के साथ विधिवत लोहड़ी प्रज्वलित की गई। विधायक शिव अरोड़ा ने क्षेत्रवासियों को लोहड़ी महापर्व की शुभकामनाएं दीं और इसके बाद स्वयं पंजाबी गानों पर भांगड़ा करते नजर आए, जिससे पूरा माहौल उत्सवमय हो गया।

स्थानीय लोगों के अनुसार, बीते चार वर्षों से रुद्रपुर में लोहड़ी का सार्वजनिक आयोजन विभिन्न कारणों से नहीं हो पा रहा था। पंजाबी समाज की संस्थाओं और महासभाओं के बीच चले आ रहे मतभेदों के कारण आयोजन ठप पड़ा था, लेकिन इस बार सामाजिक संवाद, सकारात्मक सोच और सामूहिक प्रयासों से सभी मतभेदों को दरकिनार कर एकजुटता के साथ लोहड़ी मनाई गई, जिसे शहर के लिए एक शुभ संकेत माना जा रहा है।

लोहड़ी महोत्सव में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने लोगों को खूब आकर्षित किया। पंजाब से आई प्रसिद्ध भांगड़ा टीम की शानदार प्रस्तुति, रणजीत अखाड़ा द्वारा पारंपरिक गटका प्रदर्शन, पंजाबी लोकगीतों की गूंज और मक्के की रोटी–सरसों का साग, मूंगफली, रेवड़ी सहित पारंपरिक व्यंजनों ने उत्सव की रौनक को और बढ़ा दिया। हर वर्ग और समुदाय के लोग इस पर्व में शामिल होकर झूमते नजर आए।

लोहड़ी का पर्व मुख्यतः पंजाब और उत्तर भारत में मकर संक्रांति से एक दिन पूर्व मनाया जाता है और यह नई फसल, सूर्य उपासना तथा समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, लोहड़ी की अग्नि में तिल, गुड़ और मूंगफली अर्पित कर लोकदेवता दुल्ला भट्टी को स्मरण किया जाता है, जिन्हें लोककथाओं में गरीबों और बेटियों का रक्षक माना गया है। लोहड़ी की अग्नि अज्ञान और नकारात्मकता के अंत तथा नई शुरुआत का प्रतीक मानी जाती है।

इस भव्य आयोजन में हरीश जल्होत्रा, गुरदीप गाबा, प्रीत ग्रीवर, गुंजन सुखीजा, ज्योति ग्रोवर, सुनील ठुकराल, सुखदेव भल्ला, पंकज बांगा, मनीष गगनेजा, राजेश डाबर, मनोज गुम्बर, राजकुमार साह, मनोज मित्तल, किरण विर्क, जगदीश विश्वास, रोनिक नारंग, गुरबाज दुमरा, राजेश बजाज, उपेंद्र चौधरी, तरुण दत्ता, सुरेश कोली, मुकेश पाल, जितेन्द्र संधू, मनोज छाबड़ा, संदीप राव, मनमोहन वाधवा, अनमोल विर्क, मयंक कक्कड़, मनोज मदान, विपुल पासरीचा, उमेश पासरीचा, डॉ. सीमा अरोड़ा, राजकुमार खनिजो, शिवकुमार अग्रवाल, महेश बब्बर, शौर्य अरोड़ा, मानिक अरोड़ा, राजेश पप्पल सहित हजारों रुद्रपुरवासी मौजूद रहे।

अंत में लोहड़ी उत्सव आयोजन समिति ने इस भव्य महोत्सव में शामिल हुए सभी रुद्रपुरवासियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आगे भी इसी उत्साह और भव्यता के साथ लोहड़ी का आयोजन किया जाता रहेगा, ताकि पंजाबी संस्कृति, आपसी भाईचारा और सामाजिक सौहार्द को निरंतर मजबूती मिलती रहे।