सरदार भगत सिंह महाविद्यालय रुद्रपुर में वित्तीय अनियमितता, जांच में प्रोफेसर पर आरोप साबित – प्रोफेसर बोले व्यक्तिगत खुन्नस का नतीजा।                 

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सरदार भगत सिंह महाविद्यालय रुद्रपुर में वित्तीय अनियमितता, जांच में प्रोफेसर पर आरोप साबित – प्रोफेसर बोले व्यक्तिगत खुन्नस का नतीजा।                                                     रुद्रपुर – रुद्रपुर स्थित सरदार भगत सिंह राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय एक बार फिर विवादों में है। महाविद्यालय में वित्तीय अनियमितताओं का बड़ा मामला सामने आया है, जिसमें प्रोफेसर अंचलेश कुमार पर गंभीर आरोप लगे हैं। उच्च शिक्षा निदेशालय द्वारा गठित जांच समिति ने पाया कि प्रोफेसर अंचलेश ने महाविद्यालय के पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष शुभम तिवारी के डिप्लोमा इन इको-टूरिज्म कार्यक्रम में प्रवेश से संबंधित शुल्क में गड़बड़ी की और प्रवेश अभिलेखों में छेड़छाड़ की। समिति ने छात्र शुभम तिवारी के सभी दस्तावेजों को सही पाया और उनके प्रवेश को वैध घोषित कर दिया।जांच समिति ने यह भी रिपोर्ट दी कि महाविद्यालय में प्रवेश शुल्क, परीक्षा शुल्क और अन्य अभिलेखों के रख-रखाव की स्थिति संतोषजनक नहीं है। इतना ही नहीं, कोर्स से प्राप्त फीस से शिक्षकों और स्टाफ को मानदेय दिए जाने को भी अनियमित प्रक्रिया माना गया है।इस पर उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. बी.एन. खाली ने प्रोफेसर अंचलेश कुमार को चेतावनी पत्र जारी कर उनसे वित्तीय अनियमितताओं पर जवाब मांगा है। साथ ही आदेश जारी किए गए हैं कि पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष शुभम तिवारी का प्रवेश नियमानुसार लागू किया जाए।पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष शुभम तिवारी ने आरोप लगाया कि कॉलेज प्रशासन लंबे समय से आरोपी प्रोफेसर को बचाने का प्रयास करता रहा है। उनका कहना है कि पूर्व प्राचार्य आर.के. उभान ने भी मुख्यमंत्री पोर्टल पर गलत और तर्कहीन जानकारियां देकर आरोपी के पक्ष में कार्य किया। शुभम का कहना है कि इतने गंभीर आरोपों पर केवल चेतावनी देना न्यायसंगत नहीं है और आरोपी प्रोफेसर का तत्काल निलंबन कर कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।दूसरी ओर, आरोपी प्रोफेसर अंचलेश कुमार ने इन आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि यह पूरा मामला व्यक्तिगत खुन्नस का परिणाम है, क्योंकि शुभम तिवारी का पहले दो प्रोफेसरों से विवाद हुआ था जिसका मामला कोर्ट में विचाराधीन है। उन्होंने इस घटना में गवाह के रूप में अदालत में गवाही दी थी, जिसके कारण शुभम उनसे रंजिश रख रहा है और निराधार आरोप लगाता रहता है। प्रोफेसर ने यह भी बताया कि उनका रुद्रपुर कॉलेज से तबादला हो चुका है और वे वर्तमान में दोराहट महाविद्यालय में निष्ठापूर्वक अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उनका कहना है कि अदालत जो भी फैसला करेगी, वे उसका सम्मान करेंगे।महाविद्यालय का विवादित इतिहासबताया जाता है कि सरदार भगत सिंह स्नातकोत्तर महाविद्यालय रुद्रपुर का नाम पिछले कई वर्षों से विवादों में रहा है। छात्रों और अधिकारियों, यहां तक कि संकाय सदस्यों के बीच भी कई बार टकराव और मारपीट की घटनाएं हुई हैं। कई घटनाओं में छात्र संगठनों और शिक्षण स्टाफ के बीच झड़पें बढ़कर हिंसक रूप भी ले चुकी हैं। लगातार ऐसे विवाद महाविद्यालय की छवि पर सवाल खड़े करते रहे हैं।यह मामला फिलहाल न्यायालय में है और अब देखना होगा कि आने वाले दिनों में आरोपी प्रोफेसर तथा कॉलेज प्रशासन के खिलाफ क्या कार्रवाई होती है।