रुद्रपुर के प्रीत विहार में सीलिंग जमीन पर धांधली का जाल: बिना नक्शा पास कराया जा रहा है निर्माण, एक दलाल जो कराता है सेटिंग- गेटिंग। दिन भर लगता है प्रीत विहार और राजस्व विभाग के चक्कर। अगली खबर में होगा खुलासा।

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रुद्रपुर के प्रीत विहार में सीलिंग जमीन पर धांधली का जाल: बिना नक्शा पास कराया जा रहा है निर्माण, एक दलाल जो कराता है सेटिंग- गेटिंग। दिन भर लगता है प्रीत विहार और राजस्व विभाग के चक्कर। अगली खबर में होगा खुलासा। रुद्रपुर – रुद्रपुर के प्रीत विहार में सीलिंग की जमीन पर अवैध निर्माण का मामला अब गंभीर विवाद में बदल गया है। स्थानीय सूत्रों और निवासियों के अनुसार, यहां लंबे समय से भूमाफिया और दलाल सक्रिय हैं, जो मकान मालिकों की सेटिंग राजस्व विभाग के लेखपालों और अधिकारियों से कराकर बिना नक्शा पास कराए निर्माण कार्य करवा रहे हैं। इस अवैध गतिविधि में राजस्व विभाग की मिलीभगत के गहरे आरोप लग रहे हैं। प्रीत विहार में ही रहने वाला एक दलाल जो कि दिनभर प्रीत विहार और राजस्व विभाग के ऑफिस के चक्कर लगाता रहता है वह प्रीत विहार के हर गतिविधि पर नजर रखता है और अवैध बना रहे हैं मकान के मालिकों की सेटिंग गेटिंग राजस्व विभाग के लेखपाल और अन्य कर्मचारियों अधिकारियों से करता है साथ ही जिन लोगों की सेटिंग दलालों के माध्यम से नहीं हो पाती, उन पर प्रशासन का पीला पंजा चलता है, जबकि सेटिंग हो जाने पर निर्माण बिना किसी रुकावट के जारी रहता है।कुमाऊं कमिश्नर को प्राप्त शिकायत के बाद जिलाधिकारी उधम सिंह नगर ने उप जिलाधिकारी रुद्रपुर को जांच और कार्रवाई के आदेश दिए हैं। हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन की कार्रवाई अभी भी पक्षपातपूर्ण दिख रही है। महापौर विकास शर्मा ने स्पष्ट किया है कि वर्षों से रह रहे स्थानीय लोगों को उजाड़ा नहीं जाएगा, जबकि बाहरी लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।फिर भी, विवाद के बढ़ते स्वर और प्रशासन की संदिग्ध भूमिका के कारण लोगों में न्याय को लेकर भरोसा कम होता जा रहा है। यही वजह है कि यह मामला अब न्यायालय की चौखट तक पहुंच चुका है, जहां से आने वाला फैसला पूरे प्रकरण का भविष्य तय करेगा।इसी बीच, शांति विहार में जर्जर सड़कों और जलभराव की समस्या से परेशान लोगों ने पर्वतीय समाज समिति के नेतृत्व में जबरदस्त विरोध प्रदर्शन किया। लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता को मौके पर घेरकर लोगों ने नाराजगी जताई। उनका कहना है कि कॉलोनी की समस्याओं पर वर्षों से कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।प्रीत विहार सीलिंग विवाद अब सिर्फ अवैध निर्माण का मामला नहीं रह गया, बल्कि यह प्रशासनिक पारदर्शिता, विभागीय गठजोड़ और जनता के भरोसे की परीक्षा बन गया है। अदालत में चल रही ये लड़ाई इस बात का संकेत है कि रुद्रपुर की जमीन सिर्फ संपत्ति नहीं, बल्कि सच्चाई और सिस्टम की साख का भी सवाल है