सीकेजी रियल्टी के ओनर करुण गुप्ता पर करोड़ों की धोखाधड़ी का आरोप, जमीन सौदे में भुगतान न कर धमकी देने का केस दर्ज।
रूद्रपुर। न्यायालय के आदेश पर पारिवारिक भूमि के क्रेताओं द्वारा करोड़ों रुपये का भुगतान न करने और जान से मारने की धमकी देने के आरोप में सीकेजी रियल्टी प्राइवेट लिमिटेड के ओनर करुण गुप्ता समेत अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
दर्ज रिपोर्ट के अनुसार ग्राम भूरारानी निवासी आनंद प्रकाश पुत्र प्रभुदयाल ने बताया कि उनकी भूमि ग्राम जगतपुरा में स्थित है, जो उनके भाइयों ओमप्रकाश और रजिन्द्र धवन के नाम धरी में दर्ज है। आनंद प्रकाश का कहना है कि उनकी जान-पहचान करुण गुप्ता पुत्र चन्द्रेश कुमार गुप्ता निवासी किशनकुंज कॉलोनी, लक्ष्मीनगर दिल्ली, हाल निवासी मेट्रोपॉलिस कॉलोनी पंतनगर तथा शिव कुमार पुत्र मोहन लाल निवासी ईस्ट भाटिया नगर, यमुनानगर हरियाणा से थी।
आरोप है कि वर्ष 2024 में करुण गुप्ता अपनी पत्नी यामनी गुप्ता, पिता चन्द्रेश कुमार गुप्ता और मोनू गुप्ता के साथ आए और खुद को सीकेजी रियल्टी प्राइवेट लिमिटेड का डायरेक्टर बताते हुए जमीन पर कॉलोनी विकसित करने का प्रस्ताव दिया। उन्होंने कहा कि यदि जमीन पर कॉलोनी बनाने दी जाए तो परिवार को बड़ा लाभ होगा। विश्वास में लेकर भूमि का सौदा कुल 1 अरब 10 करोड़ 50 लाख रुपये में तय किया गया।
आनंद प्रकाश का आरोप है कि करुण गुप्ता ने कॉलोनी पास कराने का झांसा देकर एग्रीमेंट और कुछ सादे कागजों पर उनसे, उनके भाइयों और बहन से हस्ताक्षर करवा लिए। एग्रीमेंट के अनुसार 5 अप्रैल 2024 को एक करोड़ रुपये, 30 अप्रैल 2024 को तीन करोड़ रुपये, 30 अक्टूबर 2024 को दो करोड़ रुपये, 30 अप्रैल 2025 को दस करोड़ रुपये, आगे पंद्रह करोड़ रुपये तथा शेष राशि वर्ष 2028 तक अलग-अलग तिथियों में भुगतान किया जाना था।
आरोप के मुताबिक करुण गुप्ता ने शुरुआत में यह भरोसा दिलाया कि एक करोड़ रुपये की रकम दिल्ली कार्यालय से आ रही है और एक-दो दिन में भुगतान कर दिया जाएगा। लेकिन वास्तव में उन्हें कुल मिलाकर केवल 1 करोड़ 1 लाख 95 हजार रुपये ही दिए गए, जिसमें से 35 लाख रुपये करुण गुप्ता ने अपनी फर्म के खाते से अदा किए। इसके बाद कोई और भुगतान नहीं किया गया।
शिकायत में बताया गया है कि 30 अप्रैल 2025 तक 31 करोड़ रुपये और 30 अक्टूबर 2025 तक 17 करोड़ 50 लाख रुपये का भुगतान किया जाना था, लेकिन आज तक यह राशि नहीं दी गई। जब बकाया रकम की मांग की गई तो गाली-गलौच की गई और जान से मारने की धमकी दी गई।
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
