आस्था के सैलाब में टूटा ‘गोल गेट’, 52 पर FIR… देवभूमि में श्रद्धा बनाम प्रशासन की सख्ती
रुद्रप्रयाग (अगस्त्यमुनि)। केदारघाटी के अगस्त्यमुनि क्षेत्र में आस्था और प्रशासन के बीच टकराव ने गंभीर रूप ले लिया है। करीब 15 वर्षों बाद निकली अगस्त्यमुनि महाराज की दिवारा यात्रा के दौरान भावनाओं का ऐसा उफान दिखा कि खेल मैदान का गोल गेट टूट गया। घटना के बाद प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए 52 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दिया है।
मामले की जड़ अगस्त्यमुनि खेल मैदान में प्रस्तावित स्टेडियम निर्माण को लेकर ग्रामीणों का लंबे समय से चला आ रहा विरोध है। ग्रामीणों का कहना है कि यह भूमि सदियों से मुनि महाराज की मानी जाती रही है और यहां धार्मिक परंपराओं का निर्वहन होता आया है। मकर संक्रांति के अवसर पर परंपरा अनुसार डोली को गद्दीस्थल तक ले जाना था, लेकिन निर्माणाधीन स्टेडियम का गोल गेट छोटा होने के कारण डोली भीतर प्रवेश नहीं कर पाई। इसी को लेकर श्रद्धालुओं में रोष फैल गया।
14 जनवरी को स्थिति तब और बिगड़ी जब विरोध के चलते हाईवे जाम हो गया। बातचीत से समाधान नहीं निकलने पर 15 जनवरी की सुबह आक्रोश चरम पर पहुंच गया। करीब साढ़े तीन घंटे तक चले घटनाक्रम के बाद गुस्साई भीड़ ने गोल गेट को ढहा दिया। इसके बाद मुनि महाराज की डोली निर्माणाधीन स्टेडियम परिसर में पहुंची, वहां नृत्य हुआ और परंपरा के अनुसार गद्दीस्थल पर विराजमान हुई।
घटना के बाद जिलाधिकारी प्रतीक जैन के निर्देश पर पुलिस ने सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और हाईवे बाधित करने के आरोप में 52 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। नामजद आरोपियों में त्रिभुवन चौहान, अनिल बैजवाल, राजेश बैजवाल, योगेश बैजवाल, शेखर नौटियाल, भानु चमोला, मिथुन, मकर लाल, हैप्पी असवाल, विपिन रावत, केशव अग्रवाल, प्रियांशु मोहन सहित 40 अन्य अज्ञात लोग शामिल हैं। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 127, 191(2), 61, 285 और लोक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया है।
प्रशासन ने आगे और सख्ती के संकेत दिए हैं। डीएम प्रतीक जैन ने स्पष्ट किया है कि धार्मिक भावनाओं की आड़ में कानून व्यवस्था से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ड्रोन कैमरों की मदद से पहचान कर बार-बार कानून तोड़ने वालों पर गुंडा एक्ट लगाने की कार्रवाई की जाएगी।
