उत्तराखंड बंद पर अंकिता भंडारी को न्याय के लिए सभा – विरोध प्रदर्शन किया गया ।

खबरें शेयर करें -

उत्तराखंड बंद पर अंकिता भंडारी को न्याय के लिए सभा – विरोध प्रदर्शन किया गया

 

पंतनगर/दिनांक 11 जनवरी 2026 को उत्तराखंड बंद पर इंकलाबी मजदूर केंद्र, एवं ठेका मजदूर कल्याण समिति पंतनगर व प्रगतिशील महिला एकता केंद्र द्वारा अंकिता भंडारी के बलात्कार और हत्या में शामिल वीआईपी का नाम उजागर कर जेल डालने के लिए व पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए संजय कालोनी पंतनगर में सभा कर विरोध प्रदर्शन किया गया।

विरोध प्रदर्शन में लाल झंडे, पोस्टर, नारे लिखे तख्तियां लेकर,अंकिता भण्डारी को न्याय दो! अंकिता भंडारी के हत्यारों को जेल में डालो। अंकिता के हत्यारे वी आई पी का नाम उजागर करो। अंकिता हत्या काण्ड की सी बी आई जांच करो। अंकिता के हत्यारों को बचाना बंद करो। अंकिता के हत्यारों को बचाने वाली भाजपा सरकार मुर्दाबाद। महिला हिंसा पर रोक लगाओ। महिलाओं को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करो।दुनियां के मजदूरों एक हो। पूंजीवाद ,साम्राज्यवाद,फासीवाद मुर्दाबाद। समाजवाद जिंदाबाद आदि नार लगा रहे थे ।

वक्ताओं ने कहा कि अंकिता भण्डारी की 18 सितम्बर 2022 को बुरी तरह से प्रताड़ित कर निर्मम ढंग से हत्या कर दी गयी थी। हत्यारों में एक सत्तारूढ़ पार्टी भारतीय जनता पार्टी के एक प्रभावशाली नेता विनोद आर्या का बेटा था। अंकिता भण्डारी इस नेता के गंगा-भोगपुर में वनंतरा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट का कार्य करती थी।

अंकिता भण्डारी ने भाजपा से जुड़े “वी आई पी” (अति महत्वपूर्ण व्यक्ति) को रिजार्ट मालिक के आदेश पर “स्पेशल सर्विस” दिये जाने से दृढ़तापूर्वक इंकार कर दिया था। अंकिता भण्डारी का अपनी गरिमा के साथ खड़ा होना इन राक्षसों को नागवार गुजरा और इन राक्षसों ने बस इस कारण से अंकिता की हत्या कर दी।

वह ‘वी आई पी’ कौन था? क्यों अंकिता भण्डारी पर उस राक्षस वी आई पी को “स्पेशल सर्विस” का आतंकी दवाब बनाया जा रहा था? क्यों इस “स्पेशल सर्विस” के जरिये रिजॉर्ट मालिक विनोद आर्या उस ‘वी आई पी’ को खुश करना चाहता था? वनंतारा रिजॉर्ट में क्या काले कारनामे होते थे? कौन-कौन रसूख, धनवान लोग ऐय्याशी करने के लिए वहां आते थे? ये वे सवाल हैं जो उत्तराखण्ड की सड़कों पर,गली-मोहल्लों, शहर-देहात में उठाये जा रहे हैं?

जिससे भाजपा सरकार बच रही है। अपराधियों को बचाने में लगी हुई है।जन दबाव में धामी सरकार द्वारा सी बी आई जांच की बात की है। परंतु भाजपा सरकार बार-बार अपराधियों को बचाने का काम करती है। जैसे महिला पहलवानों के केस में बृजभूषण, नित्यानंद स्वामी, गुजरात के बिल्किस बानो केश के अपराधियों और उन्नाव के विधायक कुलदीप सेंगर को बचाने और निर्लज्जो द्वारा फूलमालाओं से स्वागत करते सबने देखा। इसीलिए आर एस एस भाजपा के तथाकथित संस्कारों पर जनता को इनके ऊपर भरोसा नहीं है।इसीलिए अंकिता के हत्यारों पर कार्यवाही होने तक आंदोलन पर बल दिया गया।

अंत में सुप्रीम कोर्ट की अध्यक्षता में अंकिता भंडारी हत्या की सी बी आई जांच , दोषी वी आई पी का नाम उजागर कर जेल में डालने। अंकिता हत्या काण्ड में शामिल सभी दोषियों तथा दोषियों को बचाने वालों पर सख्त कार्रवाई जेल में डालने की मांग की गई। पिछड़े सामंती मूल्यों, पूंजीवादी उपभोक्तावादी फ़ूहड़ संस्कृति पर रोक लगाने और महिलाओं को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने की मांग की गई।

 

कार्यक्रम में मनोज, राशिद, अभिलाख सिंह, सुभाष प्रसाद, रामप्रताप,भरत, पृथ्वीराज, चंद्र शेखर, सुरेश,राजू, श्रवण कुमार, मीना, पूजा,राजकली, संजना,रियासत, प्रदीप, रोहित आदि शामिल रहे।