मोदी सरकार की नीतियाँ मजदूरों पर सीधा हमला, लोकतंत्र पर फासीवादी दबाव बढ़ा: भाकपा(माले)

मोदी सरकार की नीतियाँ मजदूरों पर सीधा हमला, लोकतंत्र पर फासीवादी दबाव बढ़ा: भाकपा(माले)

रुद्रपुर, 21 दिसम्बर। भाकपा(माले) की जिला कमेटी की बैठक हेड मास्टर निशान सिंह भवन में सम्पन्न हुई। बैठक की शुरुआत पार्टी के दिवंगत नेताओं कॉमरेड राजा बहुगुणा और कॉमरेड अखिलेश ठाकुर को एक मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ हुई।मोदी सरकार की नीतियाँ मजदूरों पर सीधा हमला, लोकतंत्र पर फासीवादी दबाव बढ़ा: भाकपा(माले)

बैठक को संबोधित करते हुए भाकपा(माले) के जिला प्रभारी के.के. बोरा ने केंद्र की मोदी सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि चार नई श्रम संहिताओं को लागू करना, परमाणु सुरक्षा जैसे संवेदनशील क्षेत्र को विदेशी पूंजी के हवाले करना और बीमा क्षेत्र को सौ प्रतिशत विदेशी निवेश के लिए खोल देना सरकार के कॉरपोरेट-परस्त चरित्र को पूरी तरह उजागर करता है। उन्होंने कहा कि नई श्रम संहिताओं ने मजदूर वर्ग की सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा को कमजोर कर दिया है और श्रमिक अधिकारों को दशकों पीछे धकेल दिया है।

के.के. बोरा ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने मनरेगा जैसे जनपक्षीय कानून को भी श्रमिक-विरोधी संशोधनों के जरिए कमजोर कर उसका स्वरूप बदल दिया है। उन्होंने कहा कि दिल्ली, हरियाणा, महाराष्ट्र और बिहार सहित विभिन्न राज्यों में मिली चुनावी सफलताओं से उत्साहित होकर सरकार ने देशभर में फासीवादी हमलों को और तेज कर दिया है। ‘विशेष गहन पुनरीक्षण’ (एसआईआर) के नाम पर मतदाता सूची से नाम काटने की देशव्यापी मुहिम को लोकतंत्र के लिए खतरनाक बताते हुए उन्होंने कहा कि इससे गरीबों, मजदूरों और वंचित तबकों के मताधिकार पर सीधा हमला हो रहा है।मोदी सरकार की नीतियाँ मजदूरों पर सीधा हमला, लोकतंत्र पर फासीवादी दबाव बढ़ा: भाकपा(माले)

बैठक में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा एक महिला डॉक्टर का हिजाब खींचे जाने की घटना की कड़ी निंदा करते हुए इसे शर्मनाक और असंवैधानिक करार दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि यह घटना सत्ता के संरक्षण में बढ़ती असहिष्णुता और महिलाओं के सम्मान पर हो रहे हमलों को दर्शाती है।

बैठक में मोदी सरकार की मजदूर-विरोधी नीतियों के खिलाफ ट्रेड यूनियन आंदोलन को मजबूत करने और व्यापक जनप्रतिरोध खड़ा करने की जरूरत पर जोर दिया गया। बैठक में ललित मटियाली, अमनदीप कौर, रीता कश्यप, अचिंत मंडल, उत्तम दास, अनिता अन्ना सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।