Justice Manoj Kumar Gupta Appointed New Chief Justice of Uttarakhand High Court, Supreme Court Collegium clears name .          

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Justice Manoj Kumar Gupta Appointed New Chief Justice of Uttarakhand High Court, Supreme Court Collegium clears name             खबर संवाद -महेंद्र पाल मौर्य                                      नैनीताल 18 दिसंबर 2025। उत्तराखंड उच्च न्यायालय को नया मुख्य न्यायाधीश मिलने जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय के वरिष्ठ न्यायाधीश न्यायमूर्ति मनोज कुमार गुप्ता को उत्तराखंड हाईकोर्ट का अगला चीफ जस्टिस नियुक्त करने की सिफारिश कर दी है। वर्तमान मुख्य न्यायाधीश जी. नरेन्दर के 9 जनवरी 2026 को सेवानिवृत्त होने के बाद न्यायमूर्ति मनोज कुमार गुप्ता उत्तराखंड उच्च न्यायालय की कमान संभालेंगे। कॉलेजियम के इस निर्णय को उत्तराखंड की न्यायिक व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की हालिया बैठक में देश के विभिन्न उच्च न्यायालयों के लिए मुख्य न्यायाधीशों की नियुक्तियों पर विचार किया गया, जिसमें उत्तराखंड उच्च न्यायालय के लिए न्यायमूर्ति मनोज कुमार गुप्ता के नाम पर सहमति बनी। लंबे समय से इलाहाबाद हाईकोर्ट में अपनी न्यायिक दक्षता, संतुलित दृष्टिकोण और सुसंगत फैसलों के लिए पहचाने जाने वाले न्यायमूर्ति गुप्ता के नाम को कॉलेजियम की मंजूरी मिलने के बाद उनके उत्तराखंड हाईकोर्ट के नए मुख्य न्यायाधीश बनने का मार्ग प्रशस्त हो गया है।

 

न्यायमूर्ति मनोज कुमार गुप्ता का न्यायिक सफर अनुभव और निरंतरता का प्रतीक रहा है। उनका जन्म 9 अक्टूबर 1964 को हुआ। उन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से वर्ष 1987 में बी.ए. और एलएल.बी. की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद 6 दिसंबर 1987 को उन्होंने इलाहाबाद बार काउंसिल में अधिवक्ता के रूप में नामांकन कराया और कानून के क्षेत्र में अपने करियर की शुरुआत की। वकालत के दौरान उन्होंने मुख्य रूप से सिविल मामलों, रेंट कंट्रोल और संवैधानिक विषयों पर प्रभावी पैरवी की और इलाहाबाद हाईकोर्ट में एक सशक्त अधिवक्ता के रूप में पहचान बनाई।

 

करीब ढाई दशक तक सफल वकालत करने के बाद 12 अप्रैल 2013 को उन्हें इलाहाबाद उच्च न्यायालय में अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त किया गया। इसके पश्चात 10 अप्रैल 2015 को उन्होंने स्थायी न्यायाधीश के रूप में शपथ ग्रहण की। न्यायाधीश के रूप में उनके कार्यकाल के दौरान कई महत्वपूर्ण और नज़ीर माने जाने वाले निर्णय सामने आए, जिनमें कानून की गहन व्याख्या के साथ सामाजिक संतुलन भी स्पष्ट रूप से दिखाई दिया।

 

उनकी वरिष्ठता और प्रशासनिक दक्षता को देखते हुए 20 नवंबर 2023 को उन्हें इलाहाबाद उच्च न्यायालय का कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश भी नियुक्त किया गया था। उस अवधि में उन्होंने न्यायालय के प्रशासनिक कार्यों और न्यायिक अनुशासन को प्रभावी ढंग से संचालित किया। वर्तमान समय में वे इलाहाबाद हाईकोर्ट के दूसरे वरिष्ठतम न्यायाधीश हैं, जो उनकी लंबी न्यायिक वरिष्ठता को दर्शाता है।

 

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिश के बाद अब यह लगभग तय है कि न्यायमूर्ति मनोज कुमार गुप्ता उत्तराखंड उच्च न्यायालय के नए मुख्य न्यायाधीश के रूप में कार्यभार संभालेंगे। उनके सामने उत्तराखंड जैसे संवेदनशील और भौगोलिक रूप से विशिष्ट राज्य में पर्यावरण, भूमि, प्रशासनिक और संवैधानिक मामलों से जुड़े महत्वपूर्ण न्यायिक प्रश्नों पर संतुलित नेतृत्व देने की जिम्मेदारी होगी।

 

भारतीय न्यायपालिका में सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम प्रणाली के तहत उच्च न्यायालयों के न्यायाधीशों और मुख्य न्यायाधीशों की नियुक्ति की जाती है। इस व्यवस्था को न्यायपालिका की स्वतंत्रता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है। कॉलेजियम की सिफारिश के बाद राष्ट्रपति की स्वीकृति के साथ नियुक्ति को औपचारिक रूप दिया जाता है।

 

जैसे ही 9 जनवरी 2026 को वर्तमान मुख्य न्यायाधीश जी. नरेन्दर सेवानिवृत्त होंगे, न्यायमूर्ति मनोज कुमार गुप्ता उत्तराखंड हाईकोर्ट के नए चीफ जस्टिस के रूप में शपथ लेंगे। न्यायिक हलकों में उम्मीद जताई जा रही है कि उनके नेतृत्व में उत्तराखंड उच्च न्यायालय में न्यायिक कार्यों को नई गति मिलेगी और लंबित मामलों के निस्तारण पर विशेष फोकस रहेगा।