डॉ राधा वाल्मीकि फोनिक्स यूनिवर्सिटी रुड़की एवं हल्द्वानी में हुई सम्मानित।  ———————-

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डॉ राधा वाल्मीकि फोनिक्स यूनिवर्सिटी रुड़की एवं हल्द्वानी में हुई सम्मानित।

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मिले तीन बड़े सम्मान-

1- राष्ट्र विभूति सम्मान 2025

2- डायमंड पोएट्री अवार्ड 2025

3- उत्तराखंड कवयित्री सम्मान।

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डॉ. राधा वाल्मीकि को रुड़की में मिला राष्ट्र विभूति सम्मान 2025

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फोनिक्स यूनिवर्सिटी रुड़की तथा योगेश शिक्षा कला संस्कृति एवं पर्यावरण उत्थान ट्रस्ट रुड़की के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित राष्ट्र विभूति सम्मान समारोह 2025 रविवार 2 नवंबर को फोनिक्स यूनिवर्सिटी रुड़की के सभागार में सफलता पूर्वक सम्पन्न हुआ।

मुख्य अतिथि शहीद-ए- आज़म भगत सिंह जी के भतीजे श्री किरनजीत सिंह संधू , विशिष्ट अतिथि राहुल विश्नोई (सीईओ शैफील्ड स्कूल इंडिया), प्रदीप कुमार श्रीवास्तव (संपादक प्रणाम पर्यटन पत्रिका), डॉ प्रिया जाडू (पूर्व निदेशक राज्य संसाधन केन्द्र) उत्तराखंड, श्री डी के शर्मा (निदेशक शाफील्ड स्कूल रुड़की), डॉ बी एल यादव (संस्थापक) संजय वत्स (कार्यक्रम समन्वयक) , फोनिक्स यूनिवर्सिटी के चेयरमैन डॉ चैरब जैन व अन्य समस्त प्रबुद्धजनों की गरिमामयी उपस्थिति में देश भर से पधारे लगभग 150 से अधिक लोगों के साथ-साथ डॉ. राधा वाल्मीकि को उनके विभिन्न क्षेत्रों में किए गए उत्कृष्ट कार्यो और उपलब्धियों के लिए राष्ट्र विभूति सम्मान 2025 से नवाजा गया। उन्हें प्रशस्ति-पत्र व ट्राफी के साथ एक दीवार घड़ी उपहार स्वरूप देकर पगड़ी और पटका पहनाकर सम्मानित किया गया।

डॉ राधा वाल्मीकि हल्द्वानी (नैनीताल) में हुई उत्तराखंड डायमंड पोएट्री अवार्ड एवं उत्तराखंड कवयित्री सम्मान 2025 से सम्मानित।

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“विश्व हिन्दी रचनाकार मंच” द्वारा 5 नवम्बर 2025 को हल्द्वानी में “उत्तराखंड कवयित्री अवार्ड फेस्टिवल” का आयोजन किया गया।

इस समारोह में मंच के सौजन्य से प्रकाशित एवं राघवेन्द्र ठाकुर द्वारा संपादित पुस्तक “उत्तराखंड की प्रतिभाशाली कवयित्रियां” का लोकार्पण किया गया। प्रकाशित काव्य-संग्रह में शामिल सभी कवयित्रियों को उनके रचनात्मक योगदान के लिए मंच द्वारा “उत्तराखंड कवयित्री सम्मान” से सम्मानित किया गया।

समारोह में मंच के संस्थापक एवं मुख्य अतिथि राघवेन्द्र ठाकुर ने डॉ. राधा वाल्मीकि को मंच द्वारा उनके उत्कृष्ट साहित्यिक कार्यों तथा काव्य-संग्रह में सलाहकार के रूप में रचनात्मक योगदान देने के लिए “उत्तराखंड डायमंड पोएट्री अवार्ड 2025” एवं “उत्तराखंड कवयित्री सम्मान से सम्मानित किया।

 

गौरतलब है कि डॉ. राधा वाल्मीकि विगत कई दशकों से निरंतर शैक्षिक, सामाजिक, सांस्कृतिक और साहित्यिक गतिविधियों में अपनी पूर्ण भागीदारी निभाती आ रही है।

शिक्षा, समाजसेवा एवं साहित्य सृजन के साथ-साथ डॉ. राधा वाल्मीकि अपनी मातृभाषा हिन्दी के प्रचार-प्रसार में भी कहीं पीछे नहीं हैं, यह 10 जनवरी 2026 को विश्व हिंदी दिवस के अवसर पर विश्व हिंदी सचिवालय मॉरीशस में होने वाले अंतर्राष्ट्रीय सेमिनार एवं कवि सम्मेलन में भी प्रतिभाग करेंगी।