मेट्रोपोलिस की ग्रीन बेल्ट पर दुकानों का निर्माण, SIDCUL की रिपोर्ट ने बढ़ाए सवाल; आठ दुकानों को शिफ्ट करने पर सशर्त सहमति, अंतिम मंजूरी पर स्थिति स्पष्ट नहीं

मेट्रोपोलिस की ग्रीन बेल्ट पर दुकानों का निर्माण, SIDCUL की रिपोर्ट ने बढ़ाए सवाल; आठ दुकानों को शिफ्ट करने पर सशर्त सहमति, अंतिम मंजूरी पर स्थिति स्पष्ट नहीं
समाचार इंडिया 1 | रुद्रपुर। रिपोर्टर: महेंद्र पाल मौर्य
मेट्रोपोलिस रेजिडेंशियल सोसाइटी में ग्रीन बेल्ट और कॉमन एरिया में दुकानों के निर्माण एवं आवंटन को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। निर्माण के संबंध में सीएम हेल्पलाइन 1905 पर शिकायतें दर्ज होने के बाद सिडकुल ने तकनीकी रिपोर्ट तैयार कर मुख्यालय देहरादून भेजी है। रिपोर्ट में पहले से संचालित आठ दुकानों को अस्थायी रूप से स्थानांतरित करने पर प्रथम दृष्टया व्यावहारिक आपत्ति नहीं जताई गई है, लेकिन इसके साथ कई शर्तें भी लगाई गई हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या संबंधित निर्माण के लिए सभी आवश्यक अनुमतियां प्राप्त हैं और क्या स्वीकृत लेआउट व भूमि उपयोग संबंधी नियमों का पालन किया जा रहा है?
विभागीय दस्तावेजों के अनुसार, विकान्त फुटेला ने 8 सितंबर और देवेन्द्र शाही ने 12 सितंबर 2026 को सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई थी। इससे पहले गनी कुमार बाठला ने भी 11 अगस्त को इस मामले को उठाया था। सिडकुल के अवर अभियंता मुकेश कुमार मंडल की तकनीकी रिपोर्ट में कहा गया है कि यदि निर्माण पूरी तरह अस्थायी रखते हुए केवल पहले से संचालित आठ दुकानों को स्थानांतरित किया जाता है, तो प्रथम दृष्टया व्यावहारिक आपत्ति नहीं है। साथ ही नई दुकानें बनाने और बाहरी व्यक्तियों को आवंटन करने की अनुमति इस टिप्पणी से नहीं मिलती।
रिपोर्ट में भवन उपविधियों, अग्नि सुरक्षा, पीएनजी गैस पाइपलाइन, विद्युत मानकों, स्वीकृत मानचित्र और भूमि के निर्धारित उपयोग संबंधी नियमों के पालन को अनिवार्य बताया गया है। शर्तों का उल्लंघन मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई का प्रावधान भी उल्लेखित है। क्षेत्रीय प्रबंधक मनीष बिष्ट ने 29 सितंबर को तकनीकी रिपोर्ट सिडकुल मुख्यालय भेजी थी। हालांकि, उपलब्ध दस्तावेजों में निर्माण को अंतिम मंजूरी देने अथवा अवैध घोषित करने वाले किसी आदेश का उल्लेख नहीं है।
अब मुख्य सवाल दुकानों के निर्माण से आगे बढ़कर उनकी वैधता और आवंटन की पारदर्शिता पर है। क्या निर्माण स्वीकृत लेआउट के अनुरूप है? क्या ग्रीन बेल्ट में व्यावसायिक गतिविधियों के लिए आवश्यक अनुमति ली गई है? क्या दुकानों के आवंटन, किराये और प्राप्त धनराशि का विवरण सोसाइटी के निवासियों के सामने रखा गया है? गैस पाइपलाइन के निकट निर्माण की स्थिति में क्या संबंधित सुरक्षा मानकों का सत्यापन किया गया है?
सोसाइटी में वित्तीय पारदर्शिता और कार्यकारिणी के निर्णयों को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। हालांकि, दुकानों के आवंटन में पक्षपात, वित्तीय अनियमितता अथवा सुरक्षा मानकों के उल्लंघन की पुष्टि उपलब्ध दस्तावेजों से नहीं होती। इन आरोपों की वास्तविकता संबंधित अभिलेखों और निष्पक्ष जांच से ही स्पष्ट हो सकती है।
अब सिडकुल, संबंधित विकास प्राधिकरण और सोसाइटी प्रबंधन की जवाबदेही महत्वपूर्ण है। निर्माण की अनुमति, स्वीकृत मानचित्र, भूमि के भू-उपयोग, दुकानों के आवंटन और सुरक्षा मानकों की स्थिति सार्वजनिक होने से ही विवाद की वास्तविक तस्वीर सामने आएगी। फिलहाल सिडकुल की रिपोर्ट आठ पुरानी दुकानों को अस्थायी रूप से स्थानांतरित करने पर सशर्त टिप्पणी करती है, इसे ग्रीन बेल्ट पर निर्माण की पूर्ण मंजूरी नहीं माना जा सकता।