किच्छा चुनावी ब्रेकिंग: क्या भाजपा-भाजपा में मुकाबला? जक्कू की तिगड़ी से बढ़ा पारा, बेहड़ ने संभाला मोर्चा, गाबा की गैर-मौजूदगी चर्चा में—क्या हाई प्रोफाइल नेताओं की होगी एंट्री?

किच्छा चुनावी ब्रेकिंग: क्या भाजपा-भाजपा में मुकाबला? जक्कू की तिगड़ी से बढ़ा पारा, बेहड़ ने संभाला मोर्चा, गाबा की गैर-मौजूदगी चर्चा में—क्या हाई प्रोफाइल नेताओं की होगी एंट्री?
किच्छा/सिरौली। किच्छा और सिरौलीकला नगर पालिका चुनाव में सियासी पारा लगातार चढ़ता जा रहा है। स्थानीय प्रत्याशियों के साथ विधायक, पूर्व विधायक और संगठन के वरिष्ठ नेताओं की सक्रियता ने मुकाबले को कई कोण दे दिए हैं। इसी बीच अब सवाल उठने लगा है कि क्या चुनाव के अंतिम दौर में किच्छा और सिरौली में हाई प्रोफाइल नेताओं की भी एंट्री हो सकती है?
किच्छा में कांग्रेस प्रत्याशी राजेश प्रताप सिंह के समर्थन में विधायक तिलक राज बेहड़ लगातार जनसभाएं और जनसंपर्क कर रहे हैं। वहीं भाजपा की ओर से जिला अध्यक्ष कमल जिंदल, राज्य मंत्री रामपाल सिंह, मेयर विकास शर्मा सहित वरिष्ठ नेता चुनावी रणनीति में जुटे हैं। पूर्व विधायक राजेश शुक्ला की सक्रियता और अब्दुल रशीद जक्कू की चुनावी तिगड़ी ने भी समीकरणों को नया मोड़ दिया है।
भाजपा के टिकट वितरण के बाद सामने आए असंतोष और कुछ बागी चेहरों की भूमिका भी चर्चा में है। इसी के चलते राजनीतिक हलकों में सवाल उठ रहा है कि क्या भाजपा को भाजपा के भीतर से ही चुनौती मिल रही है? हालांकि यह स्थानीय राजनीतिक चर्चा है, इसे पूरे संगठन की राय नहीं माना जा सकता।
दूसरी ओर कांग्रेस प्रत्याशी राजेश प्रताप सिंह को लेकर बाहरी होने का मुद्दा विपक्ष उठा रहा है, जबकि बेहड़ लगातार उनके समर्थन में मोर्चा संभाले हुए हैं। ऐसे में कांग्रेस के सामने भी चुनौती कम नहीं है।
कांग्रेस जिला अध्यक्ष हिमांशु गाबा की चुनावी गतिविधियों में गैर-मौजूदगी भी चर्चा का विषय बनी हुई है। हालांकि किसी कार्यक्रम में उनकी गैर-मौजूदगी को सीधे संगठन की नाराजगी या कमजोरी से जोड़ना उचित नहीं होगा।
सिरौली में सबसे बड़ा सवाल—क्या बड़े नेताओं की होगी एंट्री?
सिरौलीकला में पहली नगर पालिका के अध्यक्ष पद को लेकर मुकाबला दिलचस्प है। यहां विधायक बेहड़ के साथ कई स्थानीय नेता सक्रिय हैं, जबकि नासिर हुसैन भी अपनी जीत का दावा कर रहे हैं। भाजपा ने यहां आधिकारिक प्रत्याशी नहीं उतारा है, लेकिन कई प्रत्याशियों को भाजपा समर्थित बताए जाने से राजनीतिक समीकरण और पेचीदा हो गए हैं।
अब नजर इस बात पर है कि क्या चुनाव प्रचार के अंतिम दौर में किसी बड़े प्रदेश या राष्ट्रीय नेता की एंट्री होती है। फिलहाल ऐसी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन लगातार बढ़ती राजनीतिक सक्रियता के बीच यह संभावना राजनीतिक चर्चाओं में जरूर है।
किच्छा-सिरौली में फिलहाल मुकाबला प्रत्याशियों से आगे बढ़कर स्थानीय प्रभाव, संगठन की पकड़, बागी समीकरण और बड़े नेताओं की सक्रियता की परीक्षा बनता जा रहा है। अब देखना होगा कि चुनावी मैदान में आगे कौन से चेहरे उतरते हैं और मतदान तक कौन सा सियासी समीकरण कायम रहता है।
@Followers
#किच्छा_चुनाव #सिरौलीकला #नगरपालिका_चुनाव #चुनावी_सियासत #हाईप्रोफाइल_नेता #तिलक_राज_बेहड़ #राजेश_प्रताप_सिंह #जक्कू #राजेश_शुक्ला #हिमांशु_गाबा #कमल_जिंदल #संदीप_अरोड़ा #BJP #Congress #KichhaElection #SirauliKala #UttarakhandPolitics #@Followers