मौर्य, शाक्य, सैनी और कुशवाहा महासभा की सामाजिक संवाद बैठक में एकजुटता पर जोर, शिक्षा और समाज के उत्थान पर हुआ मंथन

मौर्य, शाक्य, सैनी और कुशवाहा महासभा की सामाजिक संवाद बैठक में एकजुटता पर जोर, शिक्षा और समाज के उत्थान पर हुआ मंथन
रुद्रपुर। मौर्य, शाक्य, सैनी एवं कुशवाहा महासभा के तत्वावधान में जनपद रोड स्थित सम्यक चिल्ड्रन पालक स्कूल में सामाजिक संवाद बैठक आयोजित की गई। बैठक में समाज के विभिन्न वर्गों से जुड़े लोगों ने भाग लेकर सामाजिक एकता, आपसी भाईचारे, संगठनात्मक मजबूती और सामाजिक-शैक्षिक उत्थान पर विचार-विमर्श किया। बैठक में अधिवक्ता, इंजीनियर, जनप्रतिनिधि, छात्र, इलेक्ट्रिशियन और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोगों की सहभागिता रही। इस दौरान समाज को एकजुट करने, युवाओं की भागीदारी बढ़ाने, शिक्षा के प्रति जागरूकता फैलाने और जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए सामूहिक प्रयास करने पर जोर दिया गया।
बैठक में वक्ताओं ने समाज की प्रगति के लिए आपसी समन्वय, सहयोग और जागरूकता को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि समाज के विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत लोगों को एक साझा मंच पर आकर अपने अनुभव और क्षमताओं का उपयोग सामाजिक हित में करना चाहिए। शिक्षा को समाज के विकास का आधार बताते हुए नई पीढ़ी को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने तथा युवाओं को सामाजिक गतिविधियों से जोड़ने की आवश्यकता पर भी चर्चा की गई। बैठक का उद्देश्य समाज के लोगों के बीच संवाद स्थापित करना, आपसी संबंधों को मजबूत बनाना और सामाजिक हितों से जुड़े विषयों पर मिलकर आगे बढ़ने की दिशा तलाशना रहा।
सामाजिक संवाद बैठक में नेत्रपाल मौर्य, आकाश, विजय सैनी, चुवान कुशवाहा, विपिन कुशवाहा, अधिवक्ता गणेश जैन, नामित पार्षद जितेंद्र मौर्य, चंद्रपाल सिंह सैनी, इंजीनियर जितेंद्र मौर्य, वीरपाल कुशवाहा, पूरनलाल, जयचंद सिंह कुशवाहा, मदनपाल, चमन सिंह सैनी, जय सिंह सैनी, प्यारे लाल सैनी, ब्रह्मा शंकर मौर्य, हरीश मौर्य, ब्रजमोहन सैनी, रत्नेश कुशवाहा और महेंद्र पाल मौर्य सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
बैठक में समाज के लोगों को संगठित रखने, आपसी सहयोग बढ़ाने और सामाजिक समस्याओं के समाधान के लिए सामूहिक रूप से प्रयास करने की आवश्यकता पर बल दिया गया। साथ ही शिक्षा, सामाजिक जागरूकता और युवाओं के बेहतर भविष्य को लेकर सकारात्मक वातावरण तैयार करने पर भी जोर रहा। मौर्य, शाक्य, सैनी एवं कुशवाहा महासभा की यह बैठक समाज के विभिन्न वर्गों को एक मंच पर लाने और सामाजिक संवाद को मजबूत करने की दिशा में एक पहल के रूप में सामने आई।