धान क्रय केंद्रों का मुख्य कृषि अधिकारी ने किया निरीक्षण, किसानों को परेशानी होने पर होगी तत्काल कार्रवाई
रुद्रपुर। धान खरीद व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने और किसानों को सरकारी क्रय केंद्रों पर किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए सोमवार, 19 अक्टूबर 2026 को मुख्य कृषि अधिकारी डॉ. विकेश कुमार सिंह यादव ने रुद्रपुर और किच्छा मंडी क्षेत्र में संचालित धान क्रय केंद्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने क्रय केंद्रों पर धान खरीद की स्थिति और किसानों के लिए उपलब्ध कराई गई सुविधाओं का जायजा लिया।
मुख्य कृषि अधिकारी ने रुद्रपुर की भगवाड़ा मंडी में संचालित भगवाड़ा एवं फुलसुंगा धान क्रय केंद्रों का निरीक्षण किया। इसके बाद उन्होंने किच्छा मंडी क्षेत्र के दोपहरिया, सहदौरा, बंडिया, मिलक, देवरिया तथा नवीन मंडी स्थल किच्छा स्थित धान क्रय केंद्रों का भी जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान सभी संबंधित क्रय केंद्रों पर धान खरीद की प्रक्रिया संचालित होती मिली।
निरीक्षण के दौरान क्रय केंद्रों पर धान की नमी जांचने के लिए नमी मापक यंत्र, तौल के लिए कांटा एवं तराजू तथा किसानों के बैठने के लिए कुर्सियों की व्यवस्था पाई गई। इसके अलावा किसानों की सुविधा के लिए पेयजल और पंखे जैसी आवश्यक व्यवस्थाएं भी की गई थीं।
डॉ. विकेश कुमार सिंह यादव ने सभी धान क्रय केंद्र प्रभारियों को निर्देशित किया कि वे राज्य सरकार की धान खरीद नीति के अनुरूप किसानों से धान की खरीद सुनिश्चित करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि धान बेचने के लिए क्रय केंद्रों पर पहुंचने वाले किसी भी किसान को अनावश्यक परेशानी का सामना नहीं करना चाहिए। किसानों की सुविधा और धान खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त रखी जाएं।
मुख्य कृषि अधिकारी ने केंद्र प्रभारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि धान खरीद में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि किसी क्रय केंद्र पर लापरवाही सामने आती है तो संबंधित के विरुद्ध तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने अधिकारियों और केंद्र प्रभारियों को निर्देश दिए कि किसानों के हितों को प्राथमिकता देते हुए धान खरीद प्रक्रिया को व्यवस्थित, पारदर्शी और सुचारू बनाए रखें, ताकि किसानों को अपनी उपज बेचने में किसी प्रकार की दिक्कत न हो।
धान क्रय केंद्रों का मुख्य कृषि अधिकारी ने किया निरीक्षण, किसानों को परेशानी होने पर होगी तत्काल कार्रवाई
