फर्जी NCERT पुस्तकों का बड़ा खुलासा: अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश, मुख्य आरोपी नफीस खान गिरफ्तार।

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फर्जी NCERT पुस्तकों का बड़ा खुलासा: अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश, मुख्य आरोपी नफीस खान गिरफ्तार।


रुद्रपुर। ऊधमसिंहनगर पुलिस को फर्जी NCERT पुस्तकों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में बड़ी सफलता हाथ लगी है। SSP अजय गणपति के कुशल नेतृत्व और सख्त निर्देशों के चलते पुलिस ने अंतरराज्यीय स्तर पर सक्रिय एक संगठित गिरोह का खुलासा करते हुए मुख्य आरोपी नफीस खान उर्फ राजू को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खिलाफ पहले से भी कई गंभीर मामले दर्ज हैं।

मामले की शुरुआत 17 मार्च 2026 को हुई, जब NCERT नई दिल्ली के सहायक उत्पादन अधिकारी दीपक कुमार ने कोतवाली रुद्रपुर में लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। विवेचना के दौरान नफीस खान का नाम सामने आया, जो इस पूरे फर्जीवाड़े का मुख्य संचालक निकला।

जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी अपने साथियों के साथ मिलकर कई राज्यों में फैले एक संगठित नेटवर्क के जरिए नकली NCERT पुस्तकों का कारोबार चला रहा था। गिरोह द्वारा अलग-अलग स्थानों पर गोदाम किराये पर लेकर नकली किताबों का भंडारण किया जाता था। बरेली के भोजीपुरा से बरामद नकली किताबों को रुद्रपुर के कीरतपुर स्थित गोदाम में रखा गया, जबकि उनके कवर की छपाई मथुरा की प्रिंटिंग प्रेस में कराई जाती थी। इसके बाद तैयार माल को राजस्थान के भरतपुर में शिफ्ट कर विभिन्न राज्यों में सप्लाई किया जाता था।

इतना ही नहीं, आरोपी परिवहन के लिए वाहन मालिकों से संपर्क करता था और माल को मेरठ समेत अन्य जिलों में पहुंचाया जाता था। गोदामों के किराये का भुगतान भी इसी नेटवर्क के जरिए किया जाता था, जिससे पूरा सिस्टम एक संगठित अपराध की तरह संचालित हो रहा था।

पुलिस ने आरोपी नफीस खान को 3 अप्रैल 2026 को गिरफ्तार कर लिया और उसे न्यायालय में पेश किया जा रहा है। आरोपी की उम्र लगभग 45 वर्ष बताई जा रही है और वह मूल रूप से मेरठ का निवासी है।

अगर आरोपी के आपराधिक इतिहास की बात करें तो उसके खिलाफ पहले भी कई मामले दर्ज हैं। वर्ष 2020 में मेरठ के परतापुर थाने में धोखाधड़ी और जालसाजी की धाराओं में केस दर्ज हुआ था, जबकि 2023 में बरेली के भोजीपुरा थाने में भी कॉपीराइट एक्ट के तहत मामला दर्ज हुआ था, जिसमें वह जेल भी जा चुका है।

इस पूरे ऑपरेशन को सफल बनाने में कोतवाली रुद्रपुर पुलिस टीम की अहम भूमिका रही, जिसमें प्रभारी निरीक्षक मनोज रतूड़ी, उप निरीक्षक चन्दन सिंह बिष्ट, कांस्टेबल प्रवीण गोस्वामी और कांस्टेबल हरीश बिष्ट शामिल रहे।

पुलिस अब इस गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है और जल्द ही और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।