न्यूनतम वेतन, पेंशन और नियमितीकरण की मांग को लेकर 24 अक्टूबर को रुद्रपुर में गरजेंगी आशा वर्कर्स, गल्ला मंडी से निकलेगा जुलूस

न्यूनतम वेतन, पेंशन और नियमितीकरण की मांग को लेकर 24 अक्टूबर को रुद्रपुर में गरजेंगी आशा वर्कर्स, गल्ला मंडी से निकलेगा जुलूस
रुद्रपुर। न्यूनतम वेतन, पेंशन, नियमितीकरण और अन्य मांगों को लेकर उत्तराखण्ड आशा हेल्थ वर्कर्स यूनियन ने आंदोलन का ऐलान किया है। यूनियन के पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत शनिवार, 24 अक्टूबर 2026 को रुद्रपुर की गल्ला मंडी में धरना-प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा। इसमें ऊधम सिंह नगर जिले की आशा वर्कर्स शामिल होकर अपनी मांगों को उठाएंगी। धरना-प्रदर्शन के बाद जुलूस निकालकर मुख्य चिकित्साधिकारी से मुलाकात की जाएगी और उन्हें ज्ञापन सौंपकर मांगों के समाधान की आवाज बुलंद की जाएगी।
उत्तराखण्ड आशा हेल्थ वर्कर्स यूनियन (संबद्ध ऐक्टू/AICCTU) की ओर से इस कार्यक्रम के संबंध में 23 अक्टूबर को मुख्य चिकित्साधिकारी, ऊधम सिंह नगर को औपचारिक सूचना पत्र भेजा गया है। यूनियन की जिला उप सचिव अनिता अन्ना ने पत्र के माध्यम से बताया कि संगठन ने आशा वर्कर्स की विभिन्न मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है। इसी क्रम में जिले की आशा वर्कर्स भी आंदोलन में भाग लेंगी।
यूनियन की प्रमुख मांगों में आशा वर्कर्स को न्यूनतम वेतन दिलाना, पेंशन की व्यवस्था करना और नियमितीकरण शामिल हैं। इसके अलावा संगठन ने अन्य लंबित मांगों को भी आंदोलन के माध्यम से उठाने की बात कही है। यूनियन का कहना है कि इन मांगों को लेकर आशा वर्कर्स अपनी आवाज संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाना चाहती हैं, ताकि उनकी समस्याओं पर गंभीरता से विचार किया जा सके।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, 24 अक्टूबर को रुद्रपुर की गल्ला मंडी में धरना-प्रदर्शन के दौरान आशा वर्कर्स एकत्र होकर सभा करेंगी। इसके बाद जुलूस निकाला जाएगा और यूनियन का प्रतिनिधिमंडल मुख्य चिकित्साधिकारी से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपेगा। ज्ञापन के माध्यम से आशा वर्कर्स की मांगों को संबंधित अधिकारी के समक्ष रखते हुए उनके समाधान की मांग की जाएगी।
यूनियन की जिला उप सचिव अनिता अन्ना ने मुख्य चिकित्साधिकारी को भेजे गए सूचना पत्र में कार्यक्रम की जानकारी देते हुए इसे सूचनार्थ प्रस्तुत किया है। अब 24 अक्टूबर को आयोजित होने वाले इस धरना-प्रदर्शन के माध्यम से आशा वर्कर्स अपनी मांगों को लेकर किस तरह आवाज उठाती हैं, इस पर नजर रहेगी। न्यूनतम वेतन, पेंशन और नियमितीकरण जैसे मुद्दों को लेकर प्रस्तावित यह कार्यक्रम आशा वर्कर्स की मांगों को प्रशासन के सामने रखने का महत्वपूर्ण माध्यम बनेगा।