

नगला के कैफे संचालक का खौफनाक खेल! 20 लाख की फिरौती, झूठे आरोप में परिवार बंधक—युवक लापता, हत्या की आशंका। पंतनगर थाना पुलिस पर नाबालिग युवक के भाई को 7 दिन अवैध हिरासत में रखने का आरोप। 


उधमसिंहनगर। पंतनगर क्षेत्र से एक बेहद सनसनीखेज और दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां नगला क्षेत्र के एक कैफे संचालक पर युवक को झूठे चोरी के आरोप में फंसाकर पूरे परिवार को बंधक बनाने और 20 लाख रुपये की फिरौती मांगने के गंभीर आरोप लगे हैं। इस पूरे घटनाक्रम ने इलाके में दहशत फैला दी है, वहीं पंतनगर थाना पुलिस की भूमिका भी सवालों के घेरे में आ गई है।
पीड़ित संजय साह, निवासी मोतिहारी (बिहार) ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि उनके दो पुत्र रामू और आकाश पिछले करीब 8 वर्षों से पंतनगर के गोलगेट क्षेत्र में सोने के जेवरों की धुलाई और मरम्मत का काम कर रहे थे। आरोप है कि 17 फरवरी 2026 को नगला स्थित पैराडाइज कैफे के संचालक राहुल धनिक ने रामू को दुकान से बुलाया और उस पर एक साल पुराने जेवर गबन का झूठा आरोप लगाकर अपने घर में बंद कर लिया।
जब रामू का पता लगाने के लिए उसका भाई आकाश वहां पहुंचा, तो 21 फरवरी को उसे भी उसी आरोप में पंतनगर थाना पुलिस के हवाले कर दिया गया। पीड़ित का कहना है कि पुलिस ने आकाश को करीब एक सप्ताह तक अवैध हिरासत में रखकर पूछताछ की, लेकिन कोई ठोस सबूत न मिलने के बावजूद उसे फिर से राहुल धनिक के सुपुर्द कर दिया गया, जो बेहद गंभीर लापरवाही और संदेहास्पद कार्रवाई मानी जा रही है।
इसके बाद मामला और ज्यादा खौफनाक हो गया। आरोप है कि राहुल धनिक ने दोनों भाइयों को अपने घर में बंधक बनाकर रखा और उनके परिजनों से 20 लाख रुपये की फिरौती की मांग की। मजबूरी में परिवार ने अपनी जमीन-जायदाद तक बेच डाली और करीब 3 लाख 95 हजार रुपये की व्यवस्था कर 10 मार्च को पत्नी मालती और बेटे सूरज के जरिए आरोपी तक पहुंचाए। लेकिन हैरान करने वाली बात यह है कि रुपये लेने के बाद भी आरोपी ने मालती और सूरज को भी अपने घर में कैद कर लिया।
पीड़ित के अनुसार 17 मार्च के बाद से उनका बेटा रामू संदिग्ध परिस्थितियों में लापता है। परिवार को गहरी आशंका है कि उसकी हत्या कर शव को ठिकाने लगा दिया गया है। वहीं अब आरोपी द्वारा स्वयं पीड़ित संजय साह को भी अपने घर बुलाया जा रहा है, जिससे उन्हें अपनी जान का गंभीर खतरा महसूस हो रहा है।
इस पूरे मामले ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, खासकर आकाश को बिना साक्ष्य के आरोपी के हवाले करने और कथित अवैध हिरासत में रखने को लेकर। पीड़ित ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि तत्काल एफआईआर दर्ज कर उनकी पत्नी और तीनों पुत्रों को सुरक्षित छुड़ाया जाए, लापता रामू की तलाश कर सच्चाई सामने लाई जाए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए।
