रुद्रपुर में ईद की नमाज़ पर संकट, ईदगाह भूमि को लेकर विवाद गहराया।

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रुद्रपुर में ईद की नमाज़ पर संकट, ईदगाह भूमि को लेकर विवाद गहराया।


रुद्रपुर -रुद्रपुर में ईद की नमाज़ को लेकर इस बार असमंजस और मायूसी का माहौल देखने को मिल रहा है। ईदगाह की भूमि को नजूल घोषित करते हुए प्रशासन द्वारा पूर्व में अधिग्रहित किए जाने के बाद अब पारंपरिक रूप से होने वाली नमाज़ पर संकट खड़ा हो गया है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर का लगभग 80 प्रतिशत हिस्सा नजूल भूमि पर बसा हुआ है। सैकड़ों धार्मिक स्थल भी ऐसी ही भूमि पर मौजूद हैं, जहां वर्षों से धार्मिक आयोजन होते आ रहे हैं। बावजूद इसके, दशकों पुरानी परंपरा के अनुसार ईदगाह में अदा की जाने वाली नमाज़ के लिए इस बार पर्याप्त स्थान उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है।

मुस्लिम समुदाय के लोगों ने इस संबंध में कई बार प्रशासन को ज्ञापन सौंपे और अधिकारियों से मुलाकात कर पूर्व की भांति नमाज़ अदा करने की अनुमति देने की मांग की। हालांकि, आरोप है कि प्रशासन इस मामले में टालमटोल कर रहा है और कोई ठोस समाधान नहीं निकाल रहा।

साथ ही यह भी आरोप लगाए जा रहे हैं कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा दिए जा रहे बयान माहौल को और तनावपूर्ण बना रहे हैं। लोगों का कहना है कि संवेदनशील मुद्दे पर संयम बरतने के बजाय विवादित भाषा का प्रयोग स्थिति को बिगाड़ सकता है।

सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जब पूरे शहर में समान स्थिति वाली नजूल भूमि पर धार्मिक गतिविधियां जारी हैं, तो केवल ईदगाह को लेकर ही सख्ती क्यों दिखाई जा रही है। साथ ही प्रशासन द्वारा कोई वैकल्पिक व्यवस्था न किए जाने से समुदाय में असंतोष बढ़ता जा रहा है।

मामले को लेकर अब राजनीतिक प्रतिक्रिया भी तेज होने लगी है। स्थानीय स्तर पर यह सवाल उठ रहा है कि मुस्लिम समाज से जुड़े मुद्दों पर राजनीतिक दलों की चुप्पी क्यों बनी हुई है, खासकर जब आगामी चुनाव नजदीक हैं।

फिलहाल स्थिति संवेदनशील बनी हुई है और सभी की नजर प्रशासनिक निर्णय पर टिकी है, जिससे यह तय होगा कि इस बार रुद्रपुर में ईद की नमाज़ किस रूप में अदा की जाएगी।