

पेरिस कम्यून के वर्षगांठ पर परिचर्चा गोष्ठी की गई।


पंतनगर/ दिनांक 18 मार्च 2026 को इंकलाबी मजदूर केंद्र एवं ठेका मजदूर कल्याण समिति पंतनगर द्वारा ट्रेड यूनियन कमेटी हाल पंतनगर में पेरिस कम्यून के शहीदों को याद किया गया और मजदूर वर्ग के समाजवाद के लिए संघर्षों की क्रांतिकारी विरासत को आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया।
सभा में वक्ताओं ने कहा कि आज से 150 वर्ष पहले 18 मार्च 1871में फ्रांस की राजधानी पेरिस के पूंजीपति वर्ग से मजदूरों ने जुझारू संघर्षों से सत्ता अपने हाथ में ली।जिसे पेरिस कम्यून के नाम से जाना जाता है। मजदूर सत्ता 72 दिन चली।सत्ता संभालते ही मजदूरों की सत्ता ने काम करने वाले सभी मजदूरों अधिकारियों का वेतन में अंतर समाप्त किया । सार्वजनिक मताधिकार, चुनें गये प्रतिनिधियों को वापस बुलाने का अधिकार, जजों को चुनाव के जरिए नियुक्त किया गया। मजदूरों को अभिव्यक्त की आजादी देकर वास्तविक जनवाद क़ायम किया। धर्म को राज्य से अलग व्यक्तिगत मामला घोषित किया। प्रतिक्रियावादी,अंधराष्ट्रवाद के सारे चिन्ह समाप्त कर निःशुल्क , वैज्ञानिक शिक्षा उपलब्ध कराई।अंतरराष्ट्रीय वाद के तहत जर्मनी के मजदूर को अपना वित्त मंत्री बनाया। उधर विस्तार वाद के लिए आपस में लड रहे मजदूर सत्ता के दुश्मन जर्मनी और फ्रांस ने एक होकर मजदूरों की सत्ता को ख़ून में डुबो दिया। इससे सबक लेकर मज़दूर वर्ग ने रुस में समाजवादी व्यवस्था कायम कर सोवियत संघ क़ायम किया।रूस के समाजवादी शासन ने निजी संपत्ति का राष्ट्रीय करण किया।महिला, पुरुष हर हाथ को काम की गारंटी से महिला पुरुष में बराबरी क़ायम किया। शोषण,बेरोजगारी का खात्मा अधिकारियों, जजों की चुनाव के जरिए नियुक्त वास्तविक जनवाद क़ायम किया।
आज अमेरिकी इजराइल साम्राज्यवादी लूट खसोट की विस्तारवादी नीतियों को लेकर गरीब देशों की संप्रभुता को रौंदते हुए हमला कर हत्याएं कर रहे हैं।इसी तरह अमेरिका इजरायल द्वारा ईरान की संप्रभुता को रौंदते हुए ईरान के तेल खनिज सम्पदा पर कब्जा लूट की खातिर ईरानी जनता का कत्लेआम कर रहे हैं। जिसमें पूरी दुनिया में साम्राज्यवादियों की थू थू हो रही है। परंतु विडम्बना है कि हमारे देश का प्रधानमंत्री हत्यारे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायल के साथ दोस्ती निभाकर भारत देश की छवि धूमिल कर रहा है।
आज भारत में सबसे ज्यादा भयंकर रूप से बेरोजगारी आसमान छूती मंहगाई, ठेका प्रथा में अल्प न्यूनतम वेतन में मेहनतकश जनता का जीवन नारकीय बना दिया गया है। श्रम कानूनों को लागू नहीं किया जा रहा है। मजदूर विरोधी 04 लेवर कोड बनाकर मजदूरों को डेढ़ सौ साल पहले की गुलामी में ज़ीने को बिवस किया जा रहा है। जहां 8 घंटे से बढ़ाकर 12 घंटे कार्य दिवस कर दिया गया है। संगठित होने,यूनियन बनाना अपराध कर दिया गया है। बढ़ते महिला अपराधों को नजरंदाज कर महिला मजदूरों से रात्रि पाली में काम कराने का कानून लागू किया गया है। ईपीएफ ईएसआई पूंजीपतियों की दया पर छोड़, बाहर का रास्ता साफ कर दिया गया है।
पंतनगर सरकारी संस्था में 20–25 वर्षौ से कार्यरत मजदूरों नियमित करना दूर की बात, श्रम नियमों द्वारा देय बोनस ग्रेच्युटी अवकाश जैसी मूलभूत सुविधाओं से बंचित रखा गया है ।ठोस समाधान के लिए संगठित होकर आंदोलन पर जोर दिया गया। और पेरिस कम्यून की क्रांतिकारी विरासत से प्रेरणा लेकर दुख तकलीफों की जनक पूंजीवादी व्यवस्था को खत्म कर मजदूर राज समाजवादी पार्टी कायम करने के संघर्षों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया गया।
कार्यक्रम में मनोज, अभिलाख सिंह, राशिद, सुभाष,भरत, अर्जुन, नमिता, मानेश्वरी,राधा, सद्भावना, धर्मवती, मीना, नीतू तथा प्रगतिशील महिला एकता केंद्र से मीना आदि शामिल रहे।
